बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने का दावा नहीं किया है, इस पर फैसला राजग को करना है। 

कुमार ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैंने मुख्यमंत्री बनने का दावा नहीं किया है। राजग में शामिल पार्टियां मिलकर फैसला करेंगी कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि अभी शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजग के चारों घटक दलों की बैठक होगी और उसमें ही चर्चा कर सभी चीजें तय की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राजग के पास पर्याप्त बहुमत है और सरकार चलाने में कोई दिक्कत नहीं है। 

वहीं  बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जनादेश स्वीकार करने की बजाय राजद जंगलराज वाले तेवर दिखा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मोदी ने ट्वीट किया कि चुनाव परिणाम के बाद महागठबंधन में दो स्वर साफ हैं। राजद के सहयोगी दल जहां अपेक्षा के अनुरूप सीटें न जीत पाने पर आत्ममंथन कर रहे हैं वहीं राजद कई सीटों पर हराये जाने का बेबुनियाद आरोप लगाकर अपने समर्थकों को आगजनी-अराजकता के लिए उकसा रहा है। 

उन्होंने कहा कि राजद ने लालू-राबड़ी की तस्वीर सिर्फ चुनावी पोस्टर से हटायी, जंगलराज वाला मिजाज नहीं छोड़ा। मोदी ने कहा कि वर्ष 2015 में जब बिहार में महागठबंधन की जीत हुई थी तब भाजपा ने न इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी का रोना रोया, न कहीं जनादेश के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं होता, वे लाठी में तेल पिलाने के लिए कान फूंकते हैं और टायर जलाकर जनमत का अपमान करते हैं।