बिहार में इस बार विधानसभा के प्रथम चरण चुनाव में पटना जिले की पांच सीटों में मोकामा से जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर निवर्तमान विधायक अनंत सिंह पांचवीं बार बाजी अपने नाम करने की फिराक में हैं, वहीं बाढ़ से हैट्रिक लगा चुके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ‘ज्ञानू’ चौका लगाने के लिए चुनावी पिच पर उतरेंगे। हाईप्रोफाइल सीट मोकामा से विधायक अनंत सिंह पांचवीं बार चुनावी संग्राम में जोर आजमा रहे हैं। 

कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह फरवरी 2005 में मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते थे। इसके बाद विधानसभा भंग होने पर अक्टूबर-नवंबर 2005 में हुए चुनाव में वह दूसरी बार भी जीत गए। वर्ष 2010 के चुनाव में सिंह मोकामा से ही जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के टिकट पर लगातार तीसरी बार भी चुनाव जीते। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2015 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मोकामा सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने वर्ष 2015 के चुनाव में जदयू के नीरज कुमार को 18348 मतों के अंतर से पराजित किया था। 

जदयू ने मोकामा में इस बार राजीव लोचन नारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया है जो पहली बार सियासी कर्मभूमि में अपनी किस्मत आजमां रहे हैं। इस सीट पर वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कुल आठ प्रत्याशी मैदान में है, लेकिन मुख्य मुकाबला अनंत सिंह और जदयू के राजीव लोचन सिंह के बीच ही माना जा रहा है। मोकामा की भौगोलिक बनावट की वजह से यहां धन और बल का बोलबाला रहा है। यही वजह है कि यहां पिछले तीन दशक से बाहुबली ही विधायक चुने जाते रहे हैं। वर्ष 1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप कुमार सिंह जनता दल के टिकट पर चुने गए थे। वर्ष 1995 में भी उन्होंने दुबारा बाजी मारी, लेकिन वर्ष 2000 में बाहुबली नेता सूरजभान सिंह यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विजयी हुए और विधानसभा पहुंचे। 

बाढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के निवर्तमान विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ‘ज्ञानू’ ‘चौका’ मारने की तलाश में हैं। कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले सिंह अक्टूबर 2005 और वर्ष 2010 के चुनाव में जदयू के टिकट पर जीत हासिल की थी। वर्ष 2015 में जदयू से नाता तोड़ भाजपा का दामन थाम लिया जदयू उम्मीदवार मनोज कुमार को 8359 मतों के अंतर से मात दी। वहीं, कांग्रेस ने सत्येन्द्र बहादुर को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। बाढ़ सीट पर 16 पुरूष और दो महिला समेत 18 उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में दम भर रहे हैं।  

कभी नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाले पटना जिले की पालीगंज विधानसभा सीट का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर है। इस सीट से वर्ष 2015 के चुनाव में राजद के टिकट पर जयवद्र्धन यादव उर्फ बच्चा यादव ने भाजपा प्रत्याशी रामजनम शर्मा को 24453 मतों कें अंतर से परास्त किया था। इस बार राजग में सीटों के तालमेल के तहत पालीगंज सीट जदयू के खाते में चली गई है। जदयू ने यहां से हाल ही में राजद छोड़ आए यादव को मैदान में उतारा है। वहीं, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के टिकट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी संघ (आईसा) के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ चुनाव में किस्मत आजमां रहे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर भाजपा की उपाध्यक्ष रहीं डॉ. उषा विद्यार्थी ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का दामन थाम लिया और चुनाव में ताल ठोक रही हैं। 

उन्होंने वर्ष 2010 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में राजद के जयवद्र्धन यादव को 10242 वोट से पराजित किया था। पालीगंज सीट पर कुल 25 प्रत्याशी जोर आजमा रहे हैं, जिनमें 21 पुरूष और चार महिला शामिल हैं। पटना जिले की मसौढ़ी (सु) से राजद के टिकट पर निवर्तमान विधायक रेखा देवी की टक्कर जदयू की नूतन पासवान से मानी जा रही है। वर्ष 2015 में भी दोनों महिला प्रत्याशी आमने-सामने थीं। इस चुनाव में श्रीमती पासवान ने हम के टिकट पर जोर आजमाया था लेकिन उन्हें राजद प्रत्याशी रेखा देवी से 39186 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2020 के चुनाव में लोजपा ने परशुराम कुमार को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश है। 

मसौढ़ी (सु) सीट पर 10 पुरुष और तीन महिला समेत 13 प्रत्याशी चुनावी समर में अपना भाग्य आजमां रहे हैं। विक्रम विधानसभा सीट से कांग्रेस ने अपने निवर्तमान विधायक सिद्धार्थ को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा ने नये चेहरे अतुल कुमार पर भरोसा जताया है। वर्ष 2015 में कांग्रेस के सिद्धार्थ ने भाजपा के अनिल कुमार को 44311 मतों के अंतर से परास्त किया था। अनिल कुमार इस सीट से फरवरी 2005, अक्टूबर 2005 और 2010 में लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं लेकिन भाजपा ने 2020 में अनिल कुमार की जगह अतुल कुमार पर दाव खेला है। विक्रम विधानसभा क्षेत्र से 13 पुरुष और दो महिला समेत 15 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं।