बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव में लोगों को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं की अफवाहों में नहीं फंसने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि राजद की सरकार बनी तो उनके नेता जनता को भूलकर फिर से अपनी कमाई बढ़ाने में लग जाएंगे जबकि पिछले पंद्रह साल में उनकी सरकार में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। 

कुमार ने ‘निश्चय संवाद’ के तहत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में बुधवार को यहां अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में आम लोगों की आय बढ़ाने के लिए उनकी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसका नतीजा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल के पंद्रह वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश में सर्वाधिक हो गई है। उन्होंने राजद सरकार के पिछले पंद्रह वर्ष के कार्यकाल की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘प्रदेश की जनता की ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा करना ही मेरा धर्म है लेकिन दूसरे लोगों के लिए सत्ता का मतलब केवल धन अर्जित करना रहा है।’’ 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सात निश्चय-एक के तहत किए सभी वादे उनकी सरकार ने पूरे कर दिए हैं। इसके तहत हर घर में बिजली पहुंचा दी गई है। हर घर में शौचालय निर्माण का काम एवं हर टोले तक संपर्कता का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। युवाओं के लिए सभी कार्यक्रम लागू हैं, जिसका लाभ बिहार के युवा उठा रहे हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। अधिकांश घरों में नल का जल पहुंच गया है एवं अधिकांश घरों तक पक्की गली एवं गलियां बन चुकी है। लक्ष्य लगभग पूरा हुआ है और बचे हुए कार्य भी शीघ्र पूरे होंगे। 

कुमार ने सात निश्चय-2 के तहत युवा शक्ति- बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ सम्पर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा के वादे को गिनवाते हुए कहा कि यदि जनता ने मौका दिया तो इन निश्चय को पूरा कर ‘सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार’ का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।