कोरोना महामारी के दौरान चुनाव किस तरह होंगे इसके लिए चुनाव आयोग ने गाइडलांइस जारी कर संकेत दे दिया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव तय समय पर ही होंगे। गाइडलाइंस में बताया गया है कि नामांकन से लेकर मतदान के दिन तक सोशल डिस्टेसिंग का पालन किस तरह होगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा और ऐसा नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, आयोग ने 65 साल के तक बुजुर्ग को पोस्टल बैलट की सुविधा देने का आदेश विपक्षी दलों के विरोध के कारण वापस ले लिया है।

सूत्रों के अनुसार राज्य में इस बार विधानसभा चुनाव अधिकतम एक या दो चरणों में हो सकते हैं। आम तौर पर वहां पांच चरणों में चुनाव होते थे। राज्य में नए विधानसभा का गठन 28 नवंबर से पहले हर हाल में होना है। अगर इस सीमा के अंदर चुनाव नहीं होता है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना होगा। बिहार विधानसभा चुनाव के साथ मध्य प्रदेश के 26 विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार राजनीतिक दल रैली,रोड शो या घर-घर जनसंपर्क अभियान कर सकेंगे, लेकिन इन सभी में कोरोना को देखते हुए कड़े नियमों का पालन करना होगा। दरअसल बिहार में हाल के दिनों में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ा है और देश में सबसे अधिक नए मरीज मिलने वाले राज्यों में शुमार है।

- गाइडलाइंस पर एक नजर

-नामांकन ऑनलाइन होगा। जमानत राशि भी ऑनलाइन जमा कर सकते है। हालांकि सशरीर नामांकन का भी विकल्प होगा। लेकिन इसके लिए मात्र दो लोग साथ जा सकेंगे। साथ में अधिकतम दो गाड़ी ले जा सकते हैं।

-जन-संपर्क अभियान में घर-घर प्रचार के लिए अधिकतम पांच लोगों को अनुमति होगी।

-गृह मंत्रालय कोविडी सुरक्षा से जुड़े मानक को पूरा करने पर रैली या रोड शो जैसे आयोजन को अनुमति देगी।

-पब्लिक रैली करने के लिए सोशल डिस्टेसिंग के साथ होगी। कितने लोग आएंगे इसकी जानकारी भी पूर्व तय होगी। इसमें निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी रहेंगे।

-वोटिंग से पहले दस्ताने दिए जाएंगे वोटर को। हर बूथ पर अधिकतम एक हजार वोटर ही होंगे। बूथ पर सैनिटाइजर होग। इसे चुनाव से 72 घंटे पहले लगातार सैनिटाइज किया जाएगा।

-अगर किसी वोटर का तापामान अधिक दिखता है, तो उसे सबसे अंत में वोट देने के लिए बुलाया जाएगा।

-चुनाव प्रक्रिया में लगे सभी कर्मियों को कोविड से बचाव के लिए किट दिया जाएगा।

-वोटों की गिनती के दिन एक हॉल में अधिकतम सात टेबल लग सकेंगी।