विपक्षी दलों के महागठबंधन में चुनाव के पूर्व घटक दलों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। महागठबंधन को छोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को गए अभी कुछ ही दिन गुजरे हैं, कि अब राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) की भी नाराजगी सामने आने लगी है।

रालोसपा के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने लालू प्रसाद से गुहार लगाते हुए कहा कि महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए जिम्मेदारी भी उसकी अधिक है। ऐसे में उन्हें ही आगे आकर सबकुछ ठीक करना होगा। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में कुशवाहा ने कहा कि महागठबंधन में अभी कई बातों पर स्पष्टता नहीं है, इसलिए लालू प्रसाद को खुद आगे आकर सब बातों पर स्थिति साफ करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद है, इसलिए जिम्मेदारी भी उसकी अधिक है। ऐसे में उन्हें ही आगे आकर सबकुछ ठीक करना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ अंदर की बातें हैं जिसे बताना ठीक नहीं है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है, ऐसे में इसको लेकर ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है और ये तभी संभव है जब खुद राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद इसमें हस्तक्षेप करें। सीट बंटवारे को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ये कोई मामला नहीं है। एक से दो सीट कम भी अगर मिलती हैं तो कोई बात नहीं है।