बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने पदभार ग्रहण करने के तीन घंटे के अंदर ही पद से इस्तीफा दे दिया। मेवालाल पर भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर रहते हुए नियुक्ति में घोटाले का आरोप है।

चौधरी के मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक पूर्व अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मांग की थी कि मेवालाल की पत्नी नीता चौधरी की आग से झुलस कर हुई मौत के मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए। इन दोनों मामलों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मामला सामने आने के बाद अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को जांच का आदेश दिया था।

वहीं राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि महज एक इस्तीफे से बात नहीं बनेगी। अभी तो 19 लाख नौकरी, संविदा और समान काम-समान वेतन जैसे अनेकों जन सरोकार के मुद्दों पर मिलेंगे। उधर, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का कहना है कि तेजस्वी यादव को भी इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी भ्रष्टाचार से जुड़े आईआरसीटीसी घोटाले में न केवल चार्जशीटेड हैं बल्कि जमानत पर हैं।