बिहार में शनिवार से कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईजीआईएमएस) में टीकाकरण की शुरूआत की गई, जहां पहला टीका सफाईकर्मी रामबाबू को लगाया गया।

बिहार में 300 केंद्रों पर एकसाथ टीकाकरण अभियान की शुरूआत हुई। प्रत्येक केंद्रों पर प्रतिदिन 100 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शनिवार को पहले दिन 30 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईजीआईएमएस के सफाईकर्मी रामबाबू को पहला टीका लगाया गया। इसके बाद एंबुलेंस चालक अमित कुमार, लैब टेक्नीशियन सोनू पंडित, डॉ. सनंत कुमार एवं करनवीर सिंह राठौर को भी टीका लगाया गया। मुख्यमंत्री ने टीका लगाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आज से बिहार में वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई है। हमलोग इस मौके पर उपस्थित हैं। देश की तरह बिहार में भी कोरोना वैक्सीनेशन की पूरी तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री आईजीआईएमएस में बनाए गए ऑबर्जवेशन कक्ष में वेबकास्टिंग के जरिए विभिन्न केंद्रों पर लगाए जा रहे टीकाकरण अभियान का जायजा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आईजीआईएमएस परिसर में एक पौधा भी लगाया। 

इधर, पहला टीका लगाने वाले रामबाबू ने कहा कि यह बीमारी ही ऐसी है कि इसमें सावधानी बरतनी ही है और यह वैक्सिन भी सबको लेनी ही है। उन्होंने खुद को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि मेरा पहला नाम आया है। उन्होंने कहा कि टीका से डरने की कोई जरूरत नहीं है। डर के आगे ही जीत है। उन्होंने कहा कि इसी मूलमंत्र के साथ वे अस्पताल में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना का टीका लगाकर ज्यादा सुरक्षित हुआ जा सकता है।