बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभी राजनीतिक दल कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए बाहुबलियों तक को भी पार्टियां टिकट देने में गुरेज नहीं कर रही हैं। यहां तक कि अपराधियों को भी टिकट देने में पार्टियां पीछे नहीं हट रही हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने दरभंगा जिले के जाले विधानसभा सीट पर जिस शख्स को टिकट दिया है उसको लेकर प्रदेश में बवाल शुरू हो गया है।

दरअसल, कांग्रेस ने जाले से मशकूर अहमद उस्मानी को टिकट दिया है। उस्मानी वही शख्स हैं जो कभी जिन्ना की तस्वीर को लेकर चर्चा में आये थे। दरभंगा जिले के रहने वाले मशकूर अहमद रहमानी उस समय पहली बार चर्चा में आये थे जब 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के चुनाव जीतकर अध्यक्ष बने थे।

दूसरी बार तब चर्चा का विषय बने जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के हॉल में जिन्ना की तस्वीर टांगे होने के कारण बीजेपी सांसद ने वीसी को पत्र लिखा था। तस्वीर हटाने की मांग को लेकर हिन्दू वाहिनी के कार्यकर्ताओ का एमयू में घुसने के बाद हंगामा शुरू हुआ था जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा था।

उस समय के छात्रसंघ के अध्यक्ष उस्मानी ने बाद में कहा था कि हम जिन्ना के विचारधारा का विरोध करते है पर जिन्ना देश के एतिहासिक तथ्य है यह भी सही है। मशकुर अहमद उस्मानी को टिकट देने के बाद बिहार के सियासी पारा चढ़ गया है।

बीजेपी नेता प्रेमरंजन पटेल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कांग्रेस को ना कभी देश की एकता से मतलब रहा है और ना ही अखंडता से। जिस जिन्ना के कारण देश का विभाजन हुआ उस व्यक्ति की महिमामंडन करने वाले व्यक्ति को कांग्रेस ने टिकट देकर असली चेहरा उजागर किया है।

वहीं जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने हमला बोलते हुए कहा कि हर पार्टी टिकट देने से पहले उम्मीदवार का चरित्र जरूर देखती है। कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। वैसे लोगों का समर्थन करती रही है जो तोड़ने का काम कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता हरखू झा ने बीजेपी और जेडीयू के बयानों का कड़े शब्दों में पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। जो पार्टी गांधी के हत्यारे गोड़से के महिमामंडन करती है उसे सदन भेजती है वो आज सवाल कैसे खड़े कर रही है। उस्मानी ने कभी महिमामंडन नहीं किया।