मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत शिकायतों के निष्पादन में कोताही बरतने वाले अधिकारी बर्खास्त होंगे। उन्होंने निर्देश दिया है कि ऐसे अधिकारियों को चिह्नित किया जाए, जो इस काम में कोताही बरत रहे हैं। इस कानून के तहत शिकायतों के निष्पादन के लिए हो रही सुनवाई में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि गांवों में विशेष कर गरीब लोगों को इस कानून की जानकारी दें और उन्हें जागरूक करें। ताकि जानकारी के अभाव में किसी को शिकायतों के निबटारे के लिए भटकना नहीं पड़े। वह दरभंगा में गुरुवार को तीन जिले दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर की संयुक्त समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जल-जीवन-हरियाली अभियान समेत विभिन्न योजनाओं को लेकर कई निर्देश दिए।


इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली यात्रा के क्रम में दरभंगा के बेनीपुर में सभा के दौरान कहा, पिछले 13 वर्षों का बिहार में औसतन वर्षापात 901 मिलीमीटर पर पहुंच गया है, जो पहले 1200-1500 मिलीमीटर के बीच रहता था। हमने देखा कि इस वर्ष भूजल स्तर दक्षिण बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार के दरभंगा में भी काफी नीचे चला गया था।


दुनिया के कई देशों में भूजल स्तर समाप्त हो गया है। वहीं,  मुख्यमंत्री ने समस्तीपुर के ताजपुर के रामापुर महेशपुर गांव में जल-जीवन-हरियाली के तहत तालाब के उन्नयन व पार्क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। वहां कृषि उत्पादों पर लगी नबार्ड की प्रदर्शनी व जीविका के काउंटर को देखा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपील की कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 19 जनवरी को बनने वाली मानव शृंखला में बड़ी संख्या में शामिल होकर कीर्तिमान बनाएं। इससे पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि पानी और हरियाली के संरक्षण के लिए बिहार के लोग कितने जागरूक हैं। सबके मन में बिहार वासियों के प्रति प्रेम का भाव जगेगा।