जातीय जनगणना को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जबरदस्त दांव खेला है। इसको लेकर सीएम आवास पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत जल्द कैबिनेट की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव लाया जाएगा। नीतीश कुमार ने कहा कि गणना के लिए समय सीमा भी तय होगी। सभी ने सर्वसमिति से फैसला किया है कि सभी की राय को ड्राफ्ट का रूप देकर कैबिनेट में लाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने राय दी है कि जातीय जनगणना कराई जाए। सभी की सर्वसमिति से यह फैसला हुआ है कि जातीय जनगणना हो। किसी ने भी इसे लेकर विरोध नहीं किया है। कैबिनेट के माध्यम से एक समय सीमा के भीतर इसे पूरा कराया जाएगा। समय भी बहुत कम रखा जाएगा। सभी धर्मों की जातीय गणना होगी। जातियों के साथ ही उपजातियों की भी गणना की जाएगी। गणना के लिए विशेष ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। इसके लिए जितने भी पैसों की जरूरत होगी, उसका भी इंतजाम किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा की ओर से डिप्टी सीएम तारकेश्वर प्रसाद, राजद की ओर से प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और सांसद मनोज झा भी पहुंचे हुए हैं। एआईएमआईएम की तरफ से अख्तरुल ईमान, कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा, माले विधायक महबूब आलम बैठक में मौजूद रहे।

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बिहार में जातीय जनगणना होगी। सीएम आवास पर बुधवार को सर्वदलीय बैठक में इस बारे में फैसला ले लिया गया। सभी धर्मों की जातीय गणना होगी। जातियों के साथ ही उपजातियों की भी गणना की जाएगी।