बिहार बोर्ड टॉपर्स को अब एक और एग्जाम देना होगा क्योंकि बोर्ड फजीहत से बचना चाहता है। इसी के लिए बिहार बोर्ड ने नई व्यवस्था शुरू की है। अब टॉपरों का इंटरव्यू होता है ताकि किसी तरह के फर्जीवाड़े का पता लगाया जा सके। इस साल भी सभी स्ट्रीम के पांचों टॉपरों का इंटरव्यू लिया जाएगा। इस साल कोविड-19 के खतरे को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन है। ऐसे में टॉपरों का वॉट्सऐप विडियो कॉलिंग की मदद से इंटरव्यू ऑनलाइन होगा। इंटरव्यू के लिए टॉपरों को खुद नहीं आना होगा।
2016 में बिहार में टॉपर घोटाला सामने आया था। 12वीं क्लास में आर्ट्स टॉपर रुबी राय, साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ और साइंस में थर्ड टॉपर राहुल कुमार बने थे। जब पत्रकारों ने उनका इंटरव्यू लेना शुरू किया तो राज्य में बहुत बड़ा टॉपर घोटाला सामने आया। टॉपरों में से कोई भी मामूली सवालों के भी जवाब नहीं दे पाया। रुबी राय से जब पॉलिटिकल साइंस बोलने को कहा गया तो उन्होंने उसे 'प्रोडिगल साइंस' बताया और कहा कि इसका खाना-पकाना से संबंध है। साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ को इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के बारे में ही पता नहीं था। फिर 2017 में आर्ट्स टॉपर बने गणेश कुमार। गणेश कुमार ने एक तो अपनी उम्र छिपाई थी। दूसरा उनको संगीत के बारे में सही से जानकारी नहीं थी जबकि उनको उस विषय में 70 में से 65 नंबर मिले थे।
बिहार बोर्ड ने 12वीं इंटर का रिजल्ट मंगलवार यानी 24 मार्च, 2020 को जारी किया है। रिजल्ट बिहार बोर्ड की ऑफिशल वेबसाइट onlinebseb.in और biharboardonline.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। इस साल करीब 4.43 लाख छात्र फर्स्ट डिविजन में पास हुए हैं। इस बार बिहार बोर्ड 12वीं कक्षा में कुल 80.44% छात्र सफल हुए हैं। पिछले साल 79.76% छात्र 12वीं कक्षा में सफल हुए थे। पहले स्थान पर नेहा कुमारी हैं जो साइंस स्ट्रीम से हैं इन्होंने 500 में से 476 अंक हासिल किए हैं यानी 95.2% अंक इन्हें बारहवीं में मिले हैं वहीं दूसरे स्थान पर कौसर फातिमा और सुधांशु नारायण चौथरी है जिन्हें 500 में से 476 अंक मिले हैं ये दोनो कॉमर्स स्ट्रीम से इसके बाद साक्षी कुमार का नंबर आता है जो आर्ट्स स्ट्रीम से है इन्हें 500 में से 474 अंक मिले हैं जो 94.2% हैं।