पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा गांव में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला और बिहार पुलिस निरीक्षक अश्विनी कुमार की हत्या का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष और सांसद संजय जायसवाल ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड को एक पत्र लिखकर कहा कि इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी हो और सजा मिले, जिससे कानून का राज कायम रहे।

भाजपा अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि किशनगंज सदर थाना के कर्तव्यनिष्ठ थाना प्रभारी अश्विनी कुमार सीमावर्ती गांव पांजीपाड़ा में अपने टीम के साथ छापेमारी करने गए थे। इसी बीच अपराधियों के शागिर्द ने इनपर हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी शहीद हो गए। उन्होंने कहा, स्थानीय बंगाल पुलिस पूरी तरह से गैरजिम्मेवार और मूकदर्शक बनी रही, जो उनकी संलिप्तता का भी परिचायक है। यह घटना मानवीय मूल्यों के दृष्टि से हृदयविदारक तो है ही साथ-साथ कानूनी दृष्टि से बेहद संगीन है।

पत्र में आगेे कहा गया, यह घटना पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति का द्योतक है कि वहां कानून किस प्रकार एक विशेष समुदाय के प्रति लाचार हो चुका है। यह असमान्य स्थिति वहां के सत्ता प्रतिष्ठान में बैठे लोगों द्वारा इस समुदाय को वोटबैंक की ²ष्टि से देखने के कारण बनी है। पत्र के माध्यम से जायसवाल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे घटना में सभी अभियुक्तों पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल अभियुक्तों गिरफ्तारी हो और उन्हें सजा मिले, क्योंकि यह जरूरी है कि कानून का राज कायम रहे। किशनगंज नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ एक बाइक चोरी के मामले में शुक्रवार की रात पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा गांव में अपनी टीम के साथ छापेमारी करने गए थेे कि गांव वालों ने टीम को घेर लिया। टीम के अन्य सदस्य तो किसी तरह निकल गए लेकिन थाना प्रभारी भीड़ के हत्थे चढ़ गए और लोगों ने इनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।