न्याय के साथ विकास के मूलमंत्र के पैरोकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) (National Democratic Alliance) और कांग्रेस (Congress) की नैया उपचुनाव (byelection) में परिवारवाद के कारण डूब गई। बिहार में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व राज्य की विधानसभा की 5 सीटों के उप चुनाव में राजग के मुख्य घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू) (Janata Dal United) ने अपने निष्ठावान -समर्पित कार्यकर्ताओं की बजाए इस वर्ष लोकसभा चुनाव में विजयी हुए उम्मीदवारों के रिश्तेदारों पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया । इसके कारण कार्यकर्ताओं में हुई नाराजगी का खामियाजा उसे अपने कब्जे वाली 3 सीटों को गंवा कर भुगतना पड़ा।

एक सीट जीतकर JDU ने बचाई लाज

कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह एक सीट जीतकर जदयू ने अपनी लाज बचाई । बांका जिले के बेलहर विधानसभा क्षेत्र (Belhar Assembly Constituency) से जदयू ने इस सीट से पूर्व विधायक एवं वर्तमान सांसद गिरिधारी यादव  (MP Giridhari Yadav) के भाई लालधारी यादव को और दरौंधा से पूर्व विधायक एवं मौजूदा सांसद कविता सिंह (MP Kavita singh) के पति अजय कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया।  साथ ही राजग के घटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (BJP) ने प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक सिकंदर सिंह की पत्नी स्वीटी सिंह (Sweety singh) पर भरोसा जताया और उन्हें किशनगंज विधानसभा के उप चुनाव में उतारा। सिंह ने गत विधानसभा का चुनाव भी भाजपा के टिकट से लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

Congress के प्रत्याशी हारे

वहीं, कांग्रेस ने समस्तीपुर (सु) संसदीय क्षेत्र (Samastipur Constituency) में पूर्व केंद्रीय मंत्री बालेश्वर राम के विधायक पुत्र डॉ. अशोक राम तथा किशनगंज विधानसभा क्षेत्र (Kishanganj Assembly Constituency) में यहां के पूर्व विधायक एवं वर्तमान सांसद डॉ. जावेद आजाद की मां सईदा बानो (Saida Bano) को उम्मीदवार बनाया और दोनों ही प्रत्याशी उप चुनाव हार गये। लगातार तीन बार जदयू के कब्जे में रही बेलहर सीट (Belhar seat) पर इस बार के उप चुनाव में राजद ने जीत का परचम लहाराया। राजद के रामदेव यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जदयू के लालधारी यादव से करीब 19231 मतों के अंतर से बाजी मार ली। रामदेव यादव को 76350 और लालधारी यादव को 57119 मत मिले हैं। इस सीट पर वर्ष 2005 में जदयू के जनार्दन मांझी तथा वर्ष 2010 और 2015 में गिरिधारी यादव ने जीत दर्ज की। 

BJP ने बागी नेता ने पलटी बाजी

गिरिधारी यादव के इस बार के लोकसभा चुनाव में संसद पहुंचने से रिक्त हुई इस सीट पर उप चुनाव कराया गया है। जदयू (JDU) का गढ़ माने जाने वाली दरौंधा सीट इस बार भाजपा से बागी हुये एक निर्दलीय प्रत्याशी करणजीत सिंह (Karanjit Singh) उर्फ व्यास सिंह ने छीन ली। सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जदयू के अजय कुमार सिंह को 27279 मतों के भारी अंतर से चित कर दिया। सिंह ने जहां 51223 वोट बंटोरे, वहीं अजय कुमार सिंह को 23944 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस सीट पर वर्ष 2010 में जदयू के टिकट से अजय कुमार सिंह की मां जगमातो देवी तथा 2015 में उनकी पत्नी कविता सिंह का कब्जा रहा था। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में जदयू की कविता सिंह को जीत दिलाने में व्यास सिंह की बड़ी भूमिका थी और उन्हें विश्वास था कि सांसद बनने के बाद सिंह अपनी खाली हुई सीट से उन्हें विधानसभा उपचुनाव (Assembly byelection) में उम्मीदवार बनाने में मदद करेंगी । 

Kishanganj Assembly से चौंकाने वाला परिणाम

इस उप चुनाव में किशनगंज विधानसभा क्षेत्र (Kishanganj Assembly) के लोगों ने चौंकाने वाला परिणाम दिया है। कांग्रेस (Congress) की पारंपरिक विधानसभा सीट रही किशनगंज पर भाजपा के कब्जा जमाने की कोशिशों को जबरदस्त झटका देते हुए एआईएमआईएम (AIMIM) ने पहली बार इस क्षेत्र में जीत का परचम लहराया। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के कमरुल होदा (Kamarul Hoda) ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की स्वीटी सिंह  (Sweety singh) को 10204 मतों के भारी अंतर से पराजित कर दिया।  होदा ने कुल 70469 वोट हासिल किए, जबकि सिंह को 60265 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस दौरान मजेदार वाकया यह रहा कि कांग्रेस की पारंपरिक विधानसभा सीट माने जाने वाली किशनगंज के दो बार के विधायक एवं किशनगंज के वर्तमान सांसद डॉ. जावेद आजाद की मां एवं कांग्रेस प्रत्याशी सईदा बानो (Saida Bano) को महज 25285 वोट मिले। इससे पूर्व वर्ष 2010 और 2015 के विधानसभा चुनाव में किशनगंज सीट से कांग्रेस के टिकट पर डॉ. आजाद विजयी हुये थे। वहीं, सहानुभूति की लहर पर सवार लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पूर्व सांसद स्व. रामचंद्र पासवान के पुत्र एवं पार्टी के प्रत्याशी प्रिंस राज ने समस्तीपुर (सुरक्षित) लोकसभा सीट 102090 मतों से जीतकर राजग की लाज बचाई है। लोजपा उम्मीदवार प्रिंस राज ने कांग्रेस के डॉ. अशोक राम को 102090 मतों के भारी अंतर से पराजित कर दिया। मतगणना समाप्त होने पर राज को जहां 390276 मत मिले, जो कुल वैध मतों का 49.48 प्रतिशत है। वहीं, डॉ. राम को 36.54 प्रतिशत यानि 288186 वोट हासिल हुये। इससे पूर्व लोकसभा चुनाव में भी डॉ. राम लोजपा के रामचंद्र पासवान से पराजित हुये थे।