केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत का ऐलान किया गया। परिषद ने जीएसटी की एकमुश्त योजना के तहत टर्नओवर सीमा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी है।


इससे छोटे व्यापारी एक या दो फीसदी का एकमुश्त कर देकर जीएसटी के झंझट से बच सकते हैं। जीएसटी परिषद की शुक्रवार को 22वीं बैठक में यह फैसला लिया गया।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि जीएसटी से जुड़ी व्यापारियों को दिक्कतों को जल्द दूर किया जाएगा।


इस बदलाव के बाद अब 20 लाख रुपए से अधिक और एक करोड़ रुपए तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी की कम्‍पोजिट स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। कम्‍पोजिट स्कीम के तहत टैक्स रेट कम है। इस स्कीम के तहत कारोबारियों को सिर्फ 2% टैक्स चुकाना होता है। कम्पोजिट स्कीम का फायदा रिटलेर, होलसेलर, मैन्युफैक्चरर, ट्रेडर्स, रेस्‍टोरेंट कारोबारी उठा सकते हैं।


परिषद की बैठक के दौरान बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिसमूह ने कारोबारियों के समक्ष आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी सिफारिशें सौंपी। मंत्रिसमूह को जीएसटी नेटवर्क में आ रही दिक्कतों को जानने की जिम्मेदारी दी गई थी।

परिषद ने निर्यातकों को तेजी से धन वापसी के साथ अनुपालन को लेकर राहत देने का भी निर्णय किया। दरअसल, जेटली के साथ पिछले माह बैठक में निर्यातकों ने कहा था कि उनके जीएसटी रिफंड में करीब 65 हजार करोड़ रुपये फंसे हुए हैं और रिफंड की प्रक्रिया तेज होनी चाहिए।

निर्यातकों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए राजस्व सचिव हसमुख अधिया की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी। हालांकि केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने जीएसटी परिषद को बताया कि वह 10 अक्तूबर से एकीकृत जीएसटी के रिफंड के लिए तैयार है।
मुख्य बातें


- पहले 50,000 रुपये से ऊपर की ज्वेलरी खरीदारी पर पेन दिखाना जरुरी था। लेकिन जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख से ऊपर की ज्वेलरी खरीद पर पैन दिखाना जरुरी कर दिया गया है। 

- जीएसटी के तहत अभी तक कारोबारी हर महीने रिटर्न फाइल कर रहे हैं। लेकिन अब हर 3 महीने में
रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है। 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी।