अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियोज के जरिए लोगों को भड़काने के आरोप में घिरे पत्रकार विनोद दुआ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज राजद्रोह अथवा देशद्रोह के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ उनके एक यूट्यूब कार्यक्रम को लेकर हिमाचल प्रदेश में भाजपा के एक स्थानीय नेता द्वारा राजद्रोह और अन्य अपराधों के आरोप में दर्ज कराई गई प्राथमिकी निरस्त करने के अनुरोध वाली याचिका पर आज फैसला सुनाया।

जस्टिस ललित और विनीत सरन की पीठ ने विनोद दुआ की उस प्रार्थना को खारिज कर दिया, जिसमें एक समिति के गठन की मांग की गई थी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि कम से कम 10 साल के अनुभव वाले पत्रकारों के खिलाफ राजद्रोह से जुड़ी कोई प्राथमिकी सीधे दर्ज न की जाए। पीठ ने कहा कि दूसरी प्रार्थना के संदर्भ में कोई भी भरोसा विधायिका के क्षेत्र का अतिक्रमण होगा।