कोरोना वायरस के इस संकट में राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि किसान उपज को रेहन या गिरवी रखकर कम ब्याज दर पर कर्ज ले सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार ने किसानों को उन्हें फसल का बेहतर मूल्य दिलाने और खरीद के लिए आसान व्यवस्था बनाने की घोषणा की।


राजस्थान सरकार ने कृषक कल्याण फंड से सहकारी किसान कल्याण योजना में प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है। इससे किसानों को अब अपनी उपज को गिरवी रखकर मात्र तीन फीसदी ब्याज दर पर कर्ज मिल सकेगा। इसमें सात फीसदी ब्याज राज्य सरकार द्वारा कृषक कल्याण फंड से वहन किया जाएगा।


योजना के तहत किसानों का उनके द्वारा रेहन रखी गई उपज के बाजार मूल्य या समर्थन मूल्य, जो भी कम हो, के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा तथा मूल्यांकित राशि की 70 फीसदी राशि गिरवी कर्ज़ के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 1।50 लाख तथा बड़े किसानों को 3 लाख रुपये तक का कर्ज़ सिर्फ तीन फीसदी ब्याज दर पर मिल सकेगा। इसमें किसान को 90 दिन के लिए कर्ज मिलेगा।


इसके लिए आवंटियों को 30 जून तक आवंटन राशि का 25 फीसदी शास्ति जमा कराने की छूट प्रदान की है। एक अन्य फैसले के तहत किसानों को प्रमाणित बीज के लिए 200 मंडियों में बिक्री केंद्र बनेंगे।


राजस्थान राज्य बीज निगम को बीज वितरण केंद्र स्थापित करने के लिए प्रदेश के 200 कृषि उपज मंडी परिसरों में भूखंड तथा रिक्त निर्मित परिसंपत्तियां उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 6 महीने तक हो जाएगी।