मरियानी । अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अभी से तेज हो गई है। पिछले चुनाव में बुरी तरह से मुंह की खाने के बाद इस बार चुनावी वैतरणी पार कर सत्ता पर काबिज होने के इरादे से कांग्रेस ने एआईयूडीएफ के साथ हाथ मिला लिया है। इस गठबंधन पर मुहर भी लग चुकी है। 

उधर इस गठबंधन को लेकर कांग्रेस में ही बगावती सुर सुनाई देने लगा है। मरियानी के विधायक रुपज्योति कुर्मी ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस गठजोड़ पर नाराजगी जाहिर की। श्री कुर्मी इस गठबंधन से खुश नहीं हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए श्री कुर्मी ने कहा कि हम (कांग्रेस) अपने दम पर चुनाव जीतने की कूबत रखते हैं। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में हुए चुनाव के वक्त केंद्र में भाजपा भर राज्य में असम गण परिषद (अगप) की सरकार थी। उस समय हम जनता के बीच गए और जनता ने दिल खोल कर हमें वोट दिया। पूरे बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनी। श्री कुर्मी ने कहा कि इस चुनाव के वक्त कांग्रेस के विधायकों की संख्या काफी कम थी।

बावजूद इसके कांग्रेस ने जोरदार तरीके से सत्ता में वापसी की। श्री कुर्मी ने कहा कि कांग्रेस 136 साल पुरानी पार्टी है। जनता का हम पर अरोसा है।  विधायक ने कहा कि भाजपा ने राज्य के लोगों से कई तरह के वादे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता मिलते ही इसे भुला दिया गया। इन बातों को मुद्दा बनाकर अगर कांग्रेस जनता के बीच जाती है तो जनता हमें फिर से सत्ता का बागडोर सौंपेगी। इस में कोई शक तथा दुविधा नहीं है। हम अकेले दम पर चुनाव जीत सकते

मरियानी के विधायक ने कांग्रेस-एआईयूडीएफ मित्रता को लेकर खुल कर अपनी नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि हममें अकेले दम पर चुनाव लड़ने की क्षमता है और हम बहुमत के साथ जीत हासिल कर सत्ता पर काबिज होगें।

श्री कुर्मी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को खुद पर भरोसा रखना चाहिए था, क्योंकि यह एक सौ छत्तीस साल पुरानी पार्टी है। श्री कुर्मी ने अपनी पार्टी के नेताओं को वर्ष 2001 के पहले वाली स्थिति को याद करने का अनुरोध किया।

श्री कुर्मी ने कहा कि चुनाव के पूर्व भाजपा और अगप द्वारा किए गए चुनावी वादों की हवा निकालते हुए वे जनता के बीच गए और चुनाव भी जीत गए। इस बार भी इसी मुद्दा को लेकर जनता के बीच जाने की बात उन्होंने कही। कांग्रेस में इतना दम है कि वह अकेले दम पर चुनाव लड़ सकती है। मैं एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का शुरू से विरोध करता आया हूं  आगे भी इसका विराध करता रहूँगा।

गौरतलब हो कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रुपज्योति कुर्मी मरियानी से लगातार तीन बार चुन जीत कर हैटट्रिक लगा चुके हैं।