एनसीआर में जियो के मोबाइल टावरों में चोरी के बड़े खेल का खुलासा हुआ है।  कई वर्षों से एक गैंग चोरी के सामान को चीन भेज रहा था। 150 टावरों में चोरी की बात सामने आई है।  5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  इनके पास से 2 करोड़ रुपये का सामान बरामद हुआ है।  

ब्लैकबेरी के 105 पुराने मोबाइल भी मिले हैं। मास्टरमाइंड 14 बार चीन की यात्रा कर चुका है।  पुलिस के सामने बड़ा सवाल है कि क्या चोरी के ये सामान किसी संदिग्ध गतिविधि या दोबारा से पैकिंग कर मार्केट में बिक्री के लिए चीन भेजे जा रहे थे। 

एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मास्टरमाइंड दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला जहांगीर है।  उसके साथ सौरभ अग्रवाल, मोहम्मद सरफराज, कादीम और शादाब मलिक भी गिरफ्तार किया गया। 150 टावरों में चोरी की अब तक 40 एफआईआर की जानकारी मिली है।  ये केस एनसीआर के विभिन्न जिलों में दर्ज हुए हैं। 

खास सामानों को चीन क्यों भेज रहे थे? पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है।  अब तक मिली सूचनाओं से पुलिस कयास लगा रही है कि 2 वजहों से ये सामान चीन भेजे जा सकते हैं।  पहली वजह है कि जियो के टावर में लगे ये खास सामान साउथ कोरिया की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी बनाती है।  अब तक 150 से ज्यादा टावर में चोरी पकड़ी गई है. इनमें मिले ये खास सामान अलग-अलग फ्रिक्वेंसी और दूसरी तकनीकों के हैं।  ऐसे में उन पर रिसर्च करके चीन में कॉपी प्रॉडक्ट बनाकर सप्लाई करने की हो। 

दूसरी वजह होगी कि यहां से चोरी कर बेहद कम दाम पर ये सामान चीन भेजे जा रहे थे।  चीन से फिर ये सामान साउथ कोरिया पहुंचते थे।  वहां से इन्हें दोबारा से पैक कर मार्केट रेट पर बेचा जा रहा हो।  पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना देकर राष्ट्रीय स्तर पर जांच की तैयारी की है।