ठाकरे सरकार ने राज्य के डॉक्‍टर्स और स्वास्थ्य अफसरों की उम्र 2 साल बढ़ाने वाले प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी. अब राज्य के स्वास्थ्य अफसरों और सिविल सर्जन 62 साल की उम्र में रिटायर होंगे. उनकी मौजूदा रिटायरमेंट उम्र 60 साल थी. हालांकि इस प्रस्‍ताव से पहले ही कुछ स्वास्थ्य अफसरों और सिविल सर्जन को कोविड महामारी के मद्देनजर एक साल का एक्सटेंशन दिया जा चुका था.

राज्‍य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस बाबत बताया कि राज्‍य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सभी अफसरों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल कर दी है. जन स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के सभी सिविल सर्जन और वरिष्ठ अफसरों को एक्सटेंशन देने के प्रस्ताव पर भी राज्य कैबिनेट ने मुहर लगा दी है.

उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह होगा कि इस साल जिन स्वास्थ्य अफसरों की उम्र 62 साल हो गई होगी, वह स्‍वत: रिटायर हो जाएंगे. लेकिन जिन अफसरों को 60 साल पूरे होने पर एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था, उनकी उनकी उम्र भी 62 साल होने पर रिटायरमेंट दिया जाएगा.

राज्‍य सरकार ने यह कदम कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए उठाया है. क्योंकि राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है. एक वरिष्ठ स्‍वास्‍थ्‍य अफसर ने कहा, 'हम कोरोना से लड़ने के लिए अधिक सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन उनके लिए हम डॉक्टर कहां से लाएंगे. इसका एकमात्र उपाय उनकी रिटायरमेंट उम्र को बढ़ाना था. इसके साथ ही राज्य सरकार इंटर्नशिप कर रहे डॉक्‍टर्स का बॉन्‍ड बढ़ाने पर भी विचार कर रही है ताकि वह लंबे समय तक सेवाएं दे सकें.