देशभर में बिजली की मांग में भारी वृद्धि की वजह से कोयले की आवश्यकता भी बढ़ गई है, जिसकी वजह से भारतीय रेलवे  ने अगले 20 दिनों तक कम से कम 1100 ट्रेनें रद्द करने का फैसला लिया है. जानकारी के लिए बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में कोयला संकट (Coal Crisis) की वजह से बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत अधिकत्तर राज्यों में कई घंटों तक रोजाना बिजली की सप्लाई ठप हो रही है. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मई महीने में भी बिजली संकट और बड़ा होगा.

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कोयला संकट की वजह से रेलवे द्वारा रद्द की गई ट्रेन की वजह से यात्री समेत व्यापारी वर्ग को समस्या का सामना करना पड़ेगा. ट्रैक पर ट्रैफिक कम हो इसके लिए यात्री ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है. देश के कई हिस्सों में बिजली उत्पादन प्लांट कोयला संकट का सामना कर रहे हैं. बिजली घरों में कोयले की कमी न हो इसके लिए रेलवे पूरी तरह कमर कस चुका है.

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रेलवे ने इससे निपटने और कोयले की आपूर्ति के लिए 15 फीसदी अतिरिक्त कोयले का परिवहन कर रही है. रेलवे ने जिन ट्रेनो को अगले 20 दिनों तक रद्द किया है. उनमे पैसेंजर और मेल एक्सप्रेस दोनो ट्रेनें शामिल है. पैसेंजर ट्रेनों की 580 ट्रिप्स, जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों की 500 ट्रिप रद्द की गई हैं.

भारतीय रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके त्रिपाठी ने कहा ने बताया, "हम कह सकते हैं कि पिछले वर्ष से कोयले की खपत और मांग में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. अप्रैल 2022 के महीने में हमने अप्रैल 2021 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक कोयले का परिवहन किया है.

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रेलवे के अनुसार ट्रेनों को इस वजह से रद्द किया गया है. क्योकि थर्मल पावर प्लांट को सप्लाई किए जा रहे कोयले से लदी मालगाड़ियों को आसानीपूर्वक से रास्ता दिया जा सके, जिससे कोयला समय पर पहुंच सके. आपको जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रेलवे ने इससे एक महीने पहले भी 670 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है. ताकि कोयला ले जा रही माल गाड़ियों के फेरों को बढ़ाया जा सके. इसके चलते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओड़िशा और जैसे कोयला उत्पादक राज्यों से आने-जाने वाले लोगों को काफी असुविधा हो रही है.

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कई राज्यों में चल रहा है बिजली संकट

बता दें कि तमिलनाडु, झारखंड, ओड़िशा,छत्तीसगढ़, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोयले संकट के कारण बिजली समस्या पैदा हो गई थी. इस समस्या का हल निकालने के लिए सरकार ने कई बैठकें की. कई राज्यों में बिजली कटौती भी की गई, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.