दिल्ली हाई कोर्ट ने एयर इंडिया द्वारा नौकरी से निकाले गए सभी पायलटों की सेवाएं बहाल करने का आदेश दिया, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले पायलट भी शामिल हैं। 

पिछले साल अगस्त में एयर इंडिया ने कोरोना संक्रमण की वजह बताते हुए कई पायलटों की सेवाएं समाप्त कर दी थी।  जस्टिस ज्योति सिंह ने सरकारी एयरलाइन को यह भी निर्देश दिया कि दोबारा बहाल किए जाने वाले पायलटों के बकाया वेतन का भी भुगतान करना होगा। 

कोर्ट का यह फैसला उन पायलटों द्वारा दायर की गई 40 से ज्यादा याचिकाओं पर आया है, जिन्हें पिछले साल 13 अगस्त को एयर इंडिया ने नौकरी से निकाल दिया था।  हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए पायलटों का भविष्य में अनुबंध बढ़ाने का फैसला उनके परफॉर्मेंस के आधार पर एयर इंडिया करेगी।  कोर्ट ने कहा कि इस पर विस्तृत फैसला बुधवार को जारी किया जाएगा। 

एयर इंडिया ने पायलटों के टर्मिनेशन को लेकर कहा था कि कोरोना संकट की वजह से एयरलाइन के ऑपरेशन पर भारी असर पड़ा है।  जिसके कारण पहले से घाटे में चल रही कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।  48 पायलटों को टर्मिनेशन लेटर देने से कुछ हफ्ते पहले ही एयर इंडिया ने कहा था कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा।