तृणमूल कांग्रेस की गोवा इकाई (Goa unit of Trinamool Congress ) को बड़ा झटका लगा है. जहां अगले महीने होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव ( Goa Assembly elections) में पार्टी एआईटीसी गोवा के पांच प्राथमिक सदस्यों ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा दे दिया है. वहीं, गोवा के पूर्व विधायक लवू मामलेदार (former Goa MLA Lavu Mamledar) का महज 3 महीने के भीतर TMC  से मोह भंग हो गया. इस दौरान सभी सदस्यों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा सौंपा है. 

इसी बीच नेताओं ने इस्तीफा देने के कारणों का भी खुलासा किया है. जहां पर सौंपे गए उनके त्याग पत्र में कहा गया है कि पार्टी की मंशा गोवा के लोगों को आपस में बांटना है, और यही वजह है कि पांचों प्राइमरी सदस्यों ने TMC से दूरी बनी ली है.

दरअसल, गोवा के पूर्व विधायक लवू मामलेदार ने बताया कि वह सितंबर में TMC में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि वह बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हुए थे. वहीं पोंडा के पूर्व BJP विधायक ने कहा कि पार्टी में आने के बाद उन्होंने वहां के संस्कृति को महसूस किया. 

इसके साथ ही लवू मामलातदार ने पार्टी पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में वोट के लिए हिंदुओं और ईसाइयों को बांटने की कोशिश की. ऐसे में सितंबर में कुछ अन्य स्थानीय नेताओं के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होने के लगभग 3 महीने बाद उनका इस्तीफा आया है.

बता दें कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में लवू मामलेदार ने TMC ज्वाइन की थी.लेकिन अब सांप्रदायिकता का आरोप लगाते हुए उन्होंने TMC छोड़ दी है. करीब 3 महीने के भीतर ही पार्टी से उनका मोहभंग हो गया है. वहीं, बता दें TMC ने फरवरी 2022 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव में सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. ऐसे में लवू मामलेदार ने आरोप लगाया है कि TMC महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने के नाम पर लोगों का डेटा इकट्ठा कर रही है. चूंकि TMC ने वादा किया है कि अगर गोवा में वह सत्ता में आती है तो वह महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करेगी.