छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जारी तनातनी के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को दिल्ली पहुंचेंगे और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने कहा कि यह भी उम्मीद है कि वह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि राज्य में संकट और गहरा गया है, क्योंकि 36 विधायक भी वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल से मिलने और उन्हें राज्य की स्थिति से अवगत कराने के लिए नई दिल्ली आ रहे हैं। शुक्रवार को एक फ्लाइट में 20 और विधायक सवार होंगे।

राज्य के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव ने गुरुवार को जहां स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी आलाकमान द्वारा उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह वह लेंगे। मगर उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शीर्ष पद के लिए हर कोई आकांक्षी है। राहुल गांधी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और शीर्ष पद के दावेदार टी.एस. सिंहदेव से मुलाकात की थी। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पी.एल. पुनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं हुई।’’ पुनिया ने मुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक में भाग लिया।

इन दोनों नेताओं की राहुल गांधी के साथ बैठक तब हुई, जब सिंहदेव के राज्य में शीर्ष पद के लिए कथित दावे के बीच बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद की मांग की गई थी। बघेल और सिंहदेव के बीच मतभेदों की कई खबरें थीं, बाद में मुख्यमंत्री को बदलने के लिए महीनों तक जोर-शोर से पैरवी की गई। 27 जुलाई को विपक्ष ने कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों की हाउस पैनल जांच की मांग को लेकर हंगामा किया था और आरोप लगाया था कि मंत्री उन पर हमले के पीछे थे, उस दिन सिंहदेव ने यह कहते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया था। सिंहदेव और बघेल राष्ट्रीय राजधानी के कई दौरे कर रहे हैं। सिंहदेव रिकॉर्ड के लिए कहते हैं कि ‘‘सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी फैसला करेंगे।’’ बघेल भी इस साल जुलाई में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे।