अगरतला  । त्रिपुरा के टीवी पत्रकार शांतनु भौमिक की हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने न्यायालय में आरोप -पत्र दाखिल किया है और छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में सौंपे जाने की मांग की । 

एसआईटी ने इस मामले में 12 लोगों को आरोपी बनाया है लेकिन इनमें से छह को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है । त्रिपुरा उच्च न्यायालय द्वारा पत्रकार शांतनु भौमिक के पिता सदन भौमिक की याचिका पर जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का नोटिस देने के तीन दिन बाद अदालत में एसआईटी के आरोप -पत्र दाखिल करने के इस कदम के मीडिया में आलोचना की जा रही है । 

फोरम फॉर प्रोटेक्शन आँफ जर्नलिस्ट्रस (एफपीजे) के नेता और वरिष्ठ पत्रकार सुबल कुमार डे ने इस संबंध में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सीबीआई को जांच का काम सौपे जाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है । श्री डे ने कहा, 'पुलिस का अन्य छह लोगों को गिरफ्तार किए बिना आरोप पत्र दाखिल करना वाकी आश्चर्यजनक है । एसआईटी निहित स्वार्थों के कारण पूरी जांच को गलत दिशा में ले जा रही है। शांतनु को पुलिस के सामने ही अगवा किया गया था हम उसी पुलिस की जांच पर कैसे भरोसा कर सकते हैं ।

पुलिस ने हालांकि शांतनु के हत्या के 87 दिन के भीतर जांच में सफलता प्राप्त करने का दावा करते आरोपियों के खिलाफ़ आरोप -पत्र तैयार कर  न्यायिक हिरासत में सौपे जाने की मांग की है । एसआईटी ने अब तक सचिन देव वर्मा, विकास देव वर्मा, स्वप्न देव वर्मा, श्यामल देव वर्मा, राकेश देव वर्मा और जतिन देव वर्मा को गिरफ्तार किया है, जबकि छह अन्य नामजद आरोपी अमित देव वर्मा, धीरेंद्र देव वर्मा,बलराम देव वर्मा, रति देव वर्मा, रामेंद्र देव वर्मा और सोमेंद्र देव वर्मा अभी फरार हैं ।

पत्रकार के पिता सदन भौमिक ने एसआईटी के आरोप पत्र दाखिल करने के कदम का विरोध करते हुए कहा है कि पुलिस वास्तविक अपराधियों को बचाने के लिए मामले को गुमराह करने के कोशिश कर रही है ।

उन्होंने उच्य न्यायालय से हत्या के मामले में न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच का आदेश देने मांग की है। मामले के अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। पत्रकार शांतनु भौमिक की 20 सितंबर को मंडई में हत्या कर दी गई थी।