अभी तक आपने भूतों (Ghost) और प्रेतों के बारे में कहानियों में ही सुना होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश में एक जगह ऐसी भी है जहां भूतों का मेला लगता है। यह जगह मिर्जापुर (mirzapur) में है जहां भूतों (ghost) की महफिल सजती है। यहां पर कई समस्याओं से परेशान लोगों की भीड़ लगती है। यहां बेचुबीर बाबा की चौरी पर अंधविश्वास के कई रूप देखने को मिल जाएंगे। यहां भूतों का ऐसा मेल लगता है, जिसे देख कोई भी हैरान रह जाए। दावा किया जाता है कि यहां पर भूत, डायन और चुड़ैल से पीड़ित लोगों मुक्ति दिलाई जाती है। यह अनोखा मेला लगभग 350 सालों से चला आ रहा है।

यहां पहुंचे लोगों का कहना होता है की उनपर कब्जा भूत, चुड़ैल, और डायन का हो गया है। जिससे उन्हें सिर्फ बेचूबीर बाबा ही मुक्ति दिला सकते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में काफी दूर दूर से लोग आते हैं। यहां तक की प्रदेश के बाहर से भी आने वालों का काफी जमावड़ा रहता है। आज भी बेचुबाबा के समाधि की देखभाल उनके 6 वंशज करते हैं।

कहा जाता है कि बेचूबीर भगवान शंकर (lord shiva) की साधना में हमेशा लीन रहते थे। परम योद्धा लोरिक इनका परम भक्त था। एक बार लोरिक के साथ बेचुबीर इस घनघोर जंगल में ठहरे थे। भगवान शिव की आराधना में लीन थे तभी उनके ऊपर एक शेर ने हमला कर दिया। तीन दिनों तक चले इस युद्ध में बेचूबीर ने अपने प्राण त्याग दिये और उसी जगह पर बेचूबीर की समाधि बन गई। तभी से यहां मेला लगता है जो तीन दिनों तक चलता है।