भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) के निजीकरण की चर्चा एवं भेल से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्रीय शिक्षामंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक एवं विधायक रानीपुर आदेश चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से उनके आवास पर वार्ता की।  

इस दौरान जावड़ेकर ने कहा कि भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स का किसी भी सूरत में निजीकरण नहीं किया जाएगा।  केंद्र भेल की स्थिति सुधारने की दिशा में काम कर रहा है। 

भेल एजुकेशन मैनेजमेंट बोर्ड के शिक्षकों, कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षक व कर्मचारी को उसकी सेवा अवधि से पूर्व हटाया नहीं जाएगा।  इस दौरान मौजूद भेल चेयरमैन नलिन सिंगल एवं डायरेक्टर मानव संसाधन अनिल कपूर को इस विषय में आवश्यक निर्देश भी दिए। 

विधायक चौहान ने उन्हें अवगत कराया कि पूर्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने घोषणा की थी कि भेल का निजीकरण नहीं किया जाएगा।  इस पर जावड़ेकर ने स्पष्ट किया कि भेल के निजीकरण का कोई विचार सरकार का नहीं है।  सरकार निरन्तर भेल को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। 

बैठक में केंद्रीय मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक एवं विधायक आदेश चौहान ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय से पूरे देश में भेल की सभी इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, मजदूरों एवं उनसे जुड़े लाखों लोगों को प्रसन्नता होगी।  असमंजस का वातावरण समाप्त होगा।  बैठक में बृजेश शर्मा पूर्व विधानसभा संयोजक, अतुल वशिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष, सुरेश चौहान, संजय सैनी, ठाकुर विनय प्रताप सिंह, नितिन चौहान आदि मौजूद रहे।