देश में फिर से कोरोना संक्रमण पैर पसारने लगा है। केरल, दिल्ली समेत कई राज्यों में तो हालत गंभीर होती जा रही है। अहमदाबाद में 21 से 23 नवंबर तक नाइट कर्फ्यू लगाया जा रहा है। दिल्ली में सार्वजनिक छठ पूजा पर रोक लगा दी गई है। मास्क न पहनने वालों से दो हजार रुपए जुर्माना वसूला जा रहा है। इन सब के बीच देश के कई रिसर्च सेंटरों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का तीसरा ट्रायल शुरू हो गया है। इस फाइनल फेज में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पहली डोज दी गई है। वो पहले ऐसे मंत्री बन गए हैं, जिन्हें स्वदेशी वैक्सीन दी गई है।

उन्‍हें अंबाला के एक अस्‍पताल में Covaxin का पहला इंजेक्‍शन दिया गया। 14 दिन बाद उन्‍हें वैक्‍सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। इस वैक्‍सीन का कोडनेम BBV152 है। ट्रायल में सफल होने पर इस वैक्‍सीन के अगले साल की पहली तिमाही के बाद उपलब्‍ध होने की संभावना जताई जा रही है। Covaxin को हैदराबाद की भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नैशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वॉयरलॉजी (NIV) के साथ मिलकर तैयार किया है। इसका फेज 1 ट्रायल 15 जुलाई से शुरू हुआ था।

Covaxin एक 'इनऐक्टिवेटेड' वैक्‍सीन है। यह उन कोरोना वायरस के पार्टिकल्‍स से बनी है जिन्‍हें मार दिया गया था ताकि वे इन्फेक्‍ट न कर पाएं। इसकी डोज से शरीर में वायरस के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनती हैं। ये ऐंटीबॉडीज शरीर को कोरोना इन्‍फेक्‍शन से बचाती हैं। भारत बायोटेक के एमडी डॉ कृष्‍णा एल्‍ला ने कहा था कि वैक्‍सीन की कीमत एक पानी की बोतल के दाम से भी कम होगी। यानी इसका मतलब है कि वैक्‍सीन की एक डोज 20 रुपये से ज्‍यादा की नहीं होनी चाहिए।