दिवाली (Diwali) के आखिरी दिवसीय त्योहार के रूप में भाई दूज (Bhai Dooj) मनाई जाती है। यह त्योहार रक्षाबंधन की तरह ही होता है। इस बार भाईदूज आज यानि 6 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिन भाइयों का अपनी बहनों के घर जाना और बहनों के हाथ से तिलक (Tilak) करवाकर उनके हाथ का भोजन करना बहुत शुभ माना जाता है। बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं।

भाई दूज का त्योहार आज मनाया जा रहा है। इस दिन शुभ मुहुर्त में ही तिलक करना चाहिए। भाई दूज के दिन तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से शुरू होगा और दोपहर 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

भाई दूज के दिन पूजा सामग्री में कुछ चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. इसमें आरती की थाली, टीका, चावल, नारियल, सूखा नारियल, मिठाई, कलावा, दीया, धूप और रुमाल जरूर रखें।

भाई दूज पर बहनें सबसे पहले भाइयों को रोली का तिलक लगाती हैं। रोली के स्थान पर हल्दी पाउडर से भी तिलक लगाया जा सकता है। भाईदूज के दिन पूजा थाली में रोली जरूर रखें। तिलक लगाने के बाद माथे पर चावल भी लगाएं। भाईदूज के दिन बहनें अपने भाईयों की आरती भी उतराती हैं। आरती उतारने के लिए पूजा की थाली में दीपक भी रखें। पूजा की थाली में मिठाई का होना जरूरी होता है।

भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं और साथ ही भगवान से भाई के जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद मांगती हैं। इस दिन पूजा के ​दौरान मंत्र भी पढ़ा जाता है।
ये है मंत्र- ‘गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े।