आज कल की खराब जीवन शैली और बेकार के खानपान की वजह से बहुत से लोग डायबिटीज की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज आज की उन खतरनाक बीमारियों में शामिल हो चुकी है जिसके होने के बाद पूरी जिंदगी व्यक्ति को न केवल दवाइयां लेनी पड़ती है बल्कि इसे नियंत्रित करने के लिए एक सही डाइट का भी पालन करना पड़ता है।

डायबिटीज के मरीजों के जेहन में अक्सर फलों को लेकर कई सवाल चलते रहते हैं। जैसे वह कौन से फल खा सकते हैं, किस मात्रा में फल का सेवन सकते हैं, या फिर क्या वह सभी तरह के फल खा सकते हैं जो इस प्रकार हैं—डायबिटीज जैसी बीमारी एक गंभीर रोग है जिसमें सतर्क और सावधान रहना बेहद जरूरी है। लेकिन इसका कतई मतलब यह नहीं है कि आप अपने मन में बीमारी को लेकर भ्रम भी रखे रहें। डॉक्टर नेहा कहती हैं कि डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए दवा और एक बैलेंस डाइट का सेवन बेहद जरूरी है।वह बताती हैं कि अक्सर लोग सोचते हैं कि डायबिटीज में कुछ ही फल खाए जा सकते हैं। लेकिन डॉक्टर के मुताबिक ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आप किसी भी फल का सेवन कर सकते हैं। बस आपको फलों का सेवन करने से पहले यह देखना होगा की उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कितना है।​क्या है ग्लाइसेमिक इंडेक्स
आपको बता दें कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स हमारे शरीर में रक्त शर्करा के स्तर के बढ़ने या संतुलित रखने का एक कारण होता है। हम जो भी चीज खाते हैं उसमें से ग्लूकोज लेवल ही बढ़ता है और वह फ्रुक्टोज में तब्दील होता है। जिसके बाद अंत में यह शुगर के रूप में ब्रेक होकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।ऐसे में डायबिटीज के मरीज ऐसे फलों का सेवन ज्यादा कर सकते हैं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होगा तो इससे रक्त शर्करा का स्तर अचानक ऊपर जा सकता है। वहीं कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स फलों से ऐसा नहीं होता। यह ब्लड शुगर लेवल का स्पाइक रोक कर रखते हैं।
​फलों का सेवन हम सभी के लिए बेहद जरूरी है। यह बैलेंस डाइट का एक सबसे आसान और बेहतर तरीका है। ऐसे में अगर आपको डायबिटीज की बीमारी है तो आप कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के फलों का सेवन अधिक कर सकते हैं। लेकिन ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक हो उनका सेवन बहुत सीमित सेवन करना है।उदाहरण के लिए आप आम को ही ले लीजिए। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स थोड़ा अधिक होता है। ऐसे में अगर आप पूरा आम खाना चाहते हैं तो आपको अपनी एक मील को स्किप करना होगा। इससे आपका शुगर स्पाइक भी नहीं होगा और कार्ब्स भी संतुलित मात्रा में मिल जाएगा।
डायबिटीज के मरीजों को अक्सर हर दो घंटे में कुछ ना कुछ हल्का फुल्का खाने की सलाह दी जाती है। ताकि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे। ऐसे में आप फलों का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इस दौरान आपको इनकी मात्रा का अधिक ध्यान रखना होगा। आप एक या दो सर्विंग किसी भी फल की खा सकते हैं। फलों की मात्रा केवल इतनी होनी चाहिए जितनी आपकी बंद मुट्ठी हो।डायबिटीज के मरीज तय मात्रा में कीवी, सेब, नाशपाती, आडू़, बैरीज, ब्लू बैरीज, संतरा, पपीता आदि का सेवन तय मात्रा में कर सकते हैं। इन फलों में आपको विटामिन सी समेत फाइबर और कई पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन का फल बहुत ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टर नेहा बताती हैं कि यह फल डायबिटीज के मरीजों के लिए सुपर फूड है। जिसे आप अधिक मात्रा में भी खा सकते हैं। इससे आपकी डायबिटीज की स्थिति में नियंत्रित रहती है।​
डायबिटीज के मरीजों को कुछ फलों का सेवन करते हुए अधिक सावधान रहना होगा, जैसे केला, चीकू, अंगूर, आम और लीची आदि। आपको इन फलों का सेवन बहुत कम मात्रा में करना होगा। क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है जो ब्लड शुगर को स्पाइक कर सकता है।​डायबिटीज के मरीजों को अपने कार्ब्स की मात्रा का भी ख्याल रखना होता है। ऐसे में पहले से ही तय करें कि आपको इसमें से कितना कार्ब्स फलों से चाहिए और उसी के मुताबिक अपनी डाइट को प्लान करें। साथ ही अगर हो सके तो एक सही डाइट के लिए डॉक्टर की राय जरूर लें।