केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीक्षक बेंजामिन के शव का रविवार को भीलवाड़ा अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में उनके परिजन शव जयपुर ले गए। उसके बाद जयपुर से  हवाई जहाज द्वारा नागालैंड रवाना हुए। सोमवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल में समाज के रीति-रिवाज से दफनाया गया।

होटल के कमरे में पड़े थे अचेत

बता दें कि नारकोटिक्स कार्यालय ग्वालियर द्वारा अधीक्षक बैंजामिन को अफीम की फसल उखाड़ने लिए 10 दिन पहले भीलवाड़ा जिले के बिगोद में चार कर्मचारियों के साथ ड्यूटी पर लगाया था। शुक्रवार की रात को स्टाफ के साथ भोजन कर होटल के कमरे में सोने चले गए थे। शनिवार सुबह वे नहीं उठे तो साथी कर्मचारियों ने उन्हें आवाज लगाई। जवाब नहीं मिलने पर होटल के कर्मचारियों की उपस्थिति में दरवाजा खोला तो वह अचेत पड़े हुए थे।


डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। भीलवाड़ा पुलिस की सूचना पर नीमच से विभाग के अधिकारी उनकी पत्नि को साथ लेकर पहुंचे। इसके बाद महात्मा गांधी हास्पिटल में पोस्टमार्टम किया। 

क्रोनिक लीवर में प्राब्लम के कारण हुर्इ मौत

रिपोर्ट के मुताबिक क्रोनिक लीवर में प्राब्लम के कारण बैंजामिन की मौत होना बताया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन बेंजामिन का शव नागालैंड ले गए। बेंजामिन 2011 में मंदसौर जिले के गरोठ में तथा वर्तमान में नीमच में पदस्थ थे। 41 वर्षीय बेंजामिन के दो बेटे है। बिगोद थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अब पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।