बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने एक हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है और एक कक्षा में माता-पिता द्वारा मालिश करवाने के चलते विभागीय जांच शुरू कर दी है। बीबीएमपी ने निलंबन आदेश जारी किया गया था क्योंकि हेडमास्टर की मालिश करने वाला वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।

आरोपी लोकेशप्पा बीबीएमपी द्वारा संचालित कोडंदरामपुरा हाई स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में काम करता था। बीबीएमपी के विशेष आयुक्त (शिक्षा) शंकर बाबू रेड्डी ने कहा कि यह पाया गया कि उसने स्कूल की इमारत में छात्र के प्रवेश के लिए स्कूल गई एक महिला से मालिश करवाई थी। लोकेशप्पा ने पूछताछ करने पर मालिश स्वीकार करने की बात स्वीकार की है।

उन्होंने कहा कि उन्हें कर्नाटक सिविल सेवा विनियमों के अनुसार बीबीएमपी के कोडंदरामपुरा हाई स्कूल का निजी काम के लिए इस्तेमाल करने और सरकारी काम के घंटों के दौरान कर्तव्य की उपेक्षा के लिए सेवा से निलंबित कर दिया गया है और वह 1958 के केसीएसआर नियम 98 के तहत निर्वाह भत्ता के लिए पात्र होंगे। सूत्रों ने बताया कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला ने अपनी बेटी के प्रवेश के लिए स्कूल में लोकेशप्पा से संपर्क किया था। लोकेशप्पा ने महिला की पृष्ठभूमि के बारे में पूछताछ की और उससे मालिश करने को कहा। दबाव में आकर महिला उसे मसाज देने को तैयार हो गई थी। 

बाद में, लोकेशप्पा ने सभी शिक्षकों को बाहर भेज दिया और एक कक्षा में अपनी शर्ट उतारकर उससे मालिश करवाई। सूत्रों ने यह भी कहा, लोकेशप्पा कई ऐसी अनैतिक गतिविधियों, महिलाओं के साथ आकस्मिक व्यवहार में शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि उसने स्कूल के एक सुरक्षा गार्ड की बेटी के साथ दुव्र्यवहार किया था। अनुबंध के आधार पर नियुक्त होने के कारण कर्मचारी और अन्य शिक्षक उससे डरते थे।