पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक रैली के दौरान चोटिल हो गई है। पांव में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं पा रही है लेकिन चोट के साथ ममता  ने बंगाल में विपक्ष को चोट दे रही है। दूसरी ओर विपक्ष  ममता बनर्जी के चोटिल होने को एक पब्लिसिटी स्टंट का करार दे रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि ममता ने सिंपथी  लेकर बंगालियों से वोट की मांग करना चाह रही है।


बता दें कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर कहा कि “यह वोट हासिल करने के लिए किया गया एक नाटक का करार दिया है। उन्होंटने कहा कि केवल पर्यवेक्षक ही नहीं, आम लोग भी ऐसा मान रहे हैं कि ममता बनर्जी ने ड्रामा कर रही है” ।  नंदीग्राम से भाजपा के उम्मीहदवार सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि “नंदीग्राम आंदोलन के समय किसानों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों को पदोन्नति देने वालों को नंदीग्राम दिवस मनाने का कोई हक नहीं है” ।


सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम में जनता सब जानती है और वह बीजेपी के साथ है। बता दें कि ममता पर के चोटिल होने पर चुनाव आयोग ने एक फैसला सुनाया है कि ममता पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है बल्कि एक तरह से यह हादसा है। क्योंकि ममता बनर्जी को उनकी ही गाड़ी से लगी है और किसी के  धक्का देने से नहीं बल्कि खुद के बैलेंस खोने के कारण चोटिल हुई है।


जानकारी दे दें कि ममता बनर्जी चोटिल होने के बावजूद भी आज रोड़ शो कर रही है और टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी है कि ममता बनर्जी 15 मार्च, 16 मार्च और 17 मार्च तक लगातार रैलियों को संबोधित करेंगी। खास बात यह है कि ममता बनर्जी व्हीलचेयर पर रोड़ शो करेंगी।