फल हमारी समग्र सेहत के लिए लाभकारी होते हैं पेड़ों के फलों के बारे में हम और आप पूरी तरह से अंजान रहते हैं। जैसे बहुत कम लोग जानते हैं बरगद के पेड़ से गिरने वाले फल के कई स्वस्थ्य लाभ हैं लेकिन यहां हम आपको लसोड़ा के बारे में जानकारी दे रहे हैं। लसोड़ा का वानस्पतिक नाम कॉर्डिया मायक्सा है। लसोड़ा का पेड़ भी बरगद की तरह बहुत बड़ा होता है और इसके फल बहुत चिकने होते हैं। लसोड़ा पोषक तत्वों से समृद्ध होता है और कुछ लोग इसे गोंदी और निसोरा के नाम से भी जानते हैं। लसोड़ा में प्रोटीन, क्रूड फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, फॉस्फोरस व कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही लसोड़ा एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भी भरपूर है।

मानसून में स्किन पर फोड़े-फुंसी होना आम बात है। ये समस्या बच्चों में खासकर देखने को मिलती है जो खेलकूद में किसी कीड़े के संपर्क में आ जाते हैं। ऐसे में अगर आपके पास लसोड़े का पेड़ है तो उसके पत्ते को पीसकर प्रभावित त्वचा पर लगाएंगे तो आराम मिलेगा। जो लोग खुजली और एलर्जी की समस्या से परेशान हैं उनके लिए भी लसोड़ा सहायक है। इसके लिए आप लसोड़े के बीजों को पीसकर खुजली वाली जगह पर लगाएं जिससे आराम मिलेगा।

ग्‍लूबेरी यानी लसोड़ा का नियमित सेवन गठिया से पीडि़त लोगों में जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है। लसोड़ा के फलों और पत्तियों में एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द से राहत दिला सकते हैं। हालांकि, ये दवा को रिप्लेस नहीं कर पाता। अगर आपकी उम्र से पहले ही बाल सफेद हो रहे हैं तो लसोड़ा आपके लिए घरेलू औषधि है। इसके फलों से निकले रस को बालों पर लगाने से सफेद की समस्या दूर हो जाती है। आप लसोड़े के फल के रस को तेल में म‍िलाकर भी प्रयोग में ले सकते हैं। इस मिश्रण से सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। इतना ही नहीं आप लसोड़े के पत्तों का लेप लगाकर भी बेहतर परिणाम पा सकते हैं।