आयुर्वेद में कई रोगों को दूर करने के लिए हींग (benefits of asafoetida) का उपयोग एक औषधि की तरह किया जाता है। हींग में मौजूद विटामिन, कैल्शियम, आयरन, एंटी-ऑक्सीडेंट, और एंटी-वायरल गुण कई रोगों को दूर रखने में मदद करते हैं। व्यक्ति को अगर दाद, खाज या खुजली जैसे किसी चर्म रोग से परेशान है तो हींग आपको इस समस्या में राहत दे सकती है। इस तरह के किसी चर्मरोग (dermatitis) होने पर हींग को पानी में घिसकर उस जगह लगाने से फायदा मिलता है। 

आयुर्वेद (Ayurveda) में हींग को औषधि के तौर पर बताया गया है, हींग का पेस्ट (Asafoetida paste) बनाकर छाती और नाक के ऊपर लगाने से सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है। वहीं वजन कम करने के लिए हींग के पानी का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। हींग में एंटी ओबेसिटी और फैट लोवरिंग गुण मौजूद होते हैं, जो बढ़ते वजन के साथ मोटापे (weight loss) को भी कम कर सकते हैं। माहवारी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को पेट में दर्द और मरोड़ की शिकायत रहती है। 

ऐसे में चुटकी भर हींग पानी में मिलाकर पीने से इस दर्द में राहत मिलती है। 7 दिन तक हींग का पानी पीने से व्यक्ति की पाचन शक्ति मजबूत होती है। हींग का पानी पीने से शरीर में बनने वाला एसिड खत्म होकर पेट के कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करता है। दांतों में अगर कीड़ा लग जाए तो रोजाना सोने से पहले हल्‍के गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग मिलाकर पीने से दांतों में लगे कीड़े की समस्‍या से छुटकारा मिल जाता है।