Agneepath Scheme का पूरे देश में जमकर विरोध शुरू हो रहा है। बिहार, यूपी, एमपी सहित तेलंगाना में हिसंक और उग्र हिंसा हो रही है। बसें वाहन, सहित रेलों को आग के हवाले किया जा रहा है। इस पूरजोर विरोध के बीच  गृह मंत्रालय ने Agneepath Scheme को लेकर एक और चौंका देने वाला ऐलान किया है। गृह मंत्रालय ने केंद्रीय आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और असम राइफल्स की भर्ती में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है।

गृह मंत्रालय ने अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने वालों के लिए अधिकतम उम्र की सीमा में भी छूट का ऐलान कर दिया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट दी जाएगी। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों के पहले बैच के लिए अधिकतम आयु की सीमा में पांच साल की छूट दी जाएगी।

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गौरतलब है कि तीनों सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। सेना में अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जानी है। इस योजना का ऐलान किए जाने के बाद ही गृह मंत्री अमित शाह ने भी अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान किया था।

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अमित शाह ने ये घोषणा कर दी थी कि असम राइफल्स और CAPF की भर्तियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्रालय की ओर से अग्निपथ योजना को प्रशिक्षित युवा के लिए आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में योगदान देने का जरिया बताया गया था। गृह मंत्रालय ने अब अग्निवीरों के लिए आरक्षण का ऐलान भी कर दिया है।

अग्निपथ योजना का प्रदर्शन

अग्निवीरों को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से ये ऐलान ऐसे समय में किया गया है, जब इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती होनी है। इनमें से 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना के स्थायी काडर में भर्ती कर दिया जाएगा।

योजना के मुताबिक चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 75 फीसदी अग्निवीरों को सेवा निधि देकर सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। चार साल की सेवा के बाद अग्निवीर क्या करेंगे, ये योजना के ऐलान के दिन से ही बड़ा सवाल बना हुआ है। यूपी समेत कई राज्य भी भर्तियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने का ऐलान कर चुके हैं।