दक्षिण चीन सागर से सटे ताइवान मुद्दे पर अमरीकी राष्ट्रपति बाइडन की अपील को चीन नजर अंदाज कर रहा है। अमरीका की सत्‍ता संभालने के बाद बाइडन प्रशासन ने चीन से अपील की थी कि वह अपनी हरकतों से बाज आए और ताइवान के मामले में दखलअंदाजी बंद करे। 

अमरीका की इस अपील का चीन पर कोई फर्क नहीं पड़ा और चीन के इस रवैये से एक बार फिर दक्षिण चीन सागर में चीन और अमरीका के बीच युद्ध से हालात उत्‍पन्‍न हो गए है। चीन के लड़ाकू विमान दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह करने का अभ्‍यास कर रहे हैं। 

चीनी एयरक्राफ्ट अमरीकी कैरियर और उसके साथ मौजू युद्धपोतों से सिर्फ 250 नॉटिकल मील ही दूर रहा। बता दें कि अमरीका में नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन के सत्‍ता संभालते ही चीन ताइवान में सक्रिय हो गया है। चीन के युद्धक विमान लगातार ताइवान की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। अमरीका में बाइडन के सत्‍ता ग्रहण करते ही चीन की सक्रियता ताइवान में अचानक से बढ़ गई है। इसलिए यह सवाल उत्‍पन्‍न हो रहा है कि आखिर चीन के इस शक्ति प्रदर्शन के निहितार्थ क्‍या हैं।