बीजेपी का केंद्रीय और राज्य नेतृत्व चुनाव को देखते हुए किसानों के मुद्दे पर गम्भीर हो गई है। दिल्ली में भी सांसदों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी और जेपी नड्डा ने साफ़ किया है कि किसान का मुद्दा भी उनके लिए अहम है और पार्टी खुलकर चुनाव में भी किसानों के मुद्दे पर बात करेगी।

किसानों का समर्थन पाने के लिए बीजेपी ने बड़ी योजना बनाई है। पार्टी के प्रचार अभियान में किसानों पर बात करना एक अहम मुद्दा होगा। बीजेपी ने एक पुस्तक तैयार की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे भाजपा की दोनों सरकारों ने किसानों के लिए बाक़ी राजनीतिक दलों से अधिक काम किया है।

किताब में ये लिखा गया है कि 2017 से यूपी के 78 लाख से ज्यादा किसानों को न्यूनतम समर्थन पर उत्पाद खरीदने के चलते 78 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। गन्ने की खेती करने वाले 45 लाख किसानों के बीते साढ़े चार से बकाया 1.4 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के 2.5 करोड़ किसानों के पास 32 हजार 500 करोड़ रुपये उनके खाते में आए हैं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उत्तर प्रदेश में 25 लाख से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2208 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

बीजेपी ने कृषि कर्ज माफी के तहत 36 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को माफ करके चुनाव पूर्व किए गए वादा को पूरा किया है। इससे राज्य के 85 लाख किसानों को फायदा हुआ है। बुकलेट में ज़िक्र किया गया है कि 2017 के बाद से यूपी में सिंचाई क्षेत्र 3.77 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। इस किताब के माध्यम से भाजपा चुनाव से पहले सभी ग्रामीण इलाक़े में कार्यकर्ता के माध्यम से पहुंचेगी और किसान परिवारों को समझाएंगे।

ये तुलनात्मक किताब यानी बाक़ी पार्टियों ने किसानों के लिए क्या किया और बीजेपी ने क्या किया। इसके माध्यम से उनको समझाने का प्रयास करेगी की, वो भाजपा के साथ रहें क्‍योंकि इसी ने उनके विकास के लिए काम किया है।