कोविड संकट का मुकाबला कर रहे पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी घमासान तेज हो गया है।  राज्य में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीनों का वक्त रह गया है, ऐसे में यह घमासान कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया है कि कांग्रेस के कम से कम 26 विधायक दिल्ली पहुंच गए है। ये सभी एक समिति से मुलाकात करेंगे।  वहीं विधायक नवजोत सिंह सिद्धू भी पार्टी के उन नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को दिल्ली में पार्टी की तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात करेंगे।  कांग्रेस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।  पंजाब कांग्रेस इकाई में जारी अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है। 

 

पार्टी नेताओं के एक धड़े ने वर्ष 2015 में फरीदकोट के कोटकपूरा में बेअदबी मामले के बाद हुई गोलीबारी की घटना में की गई कार्रवाई को लेकर असंतोष जाहिर किया था, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पिछले महीने कोटकपूरा गोलीबारी मामले में जांच रद्द किए जाने के बाद सिद्धू लगातार इस मामले से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आलोचना कर रहे हैं। 

सूत्रों ने बताया कि पंजाब के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत 26 विधायक सोमवार को दिल्ली में समिति से मुलाकात करेंगे।  उन्होंने कहा कि अमृतसर पूर्व से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के अन्य पार्टी नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को समिति से मिलेंगे। 

 

वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि गोलीकांड के अलावा कांग्रेस नेता अमरिंदर की शिकायत करने के लिए भी समिति से मुलाकात करेंगे। विधायकों का आरोप है कि चुनावी वादे नहीं पूरे किए गए।  दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी समिति से मुलाकात कर सकते हैं।