माघ शुक्ल पंचमी तिथि को शास्त्रों में बहुत ही शुभ और अबूझ मुहूर्त के रूप में बताया गया है। इसी दिन से भगवान श्रीराम की शिक्षा भी आरंभ हु्ई थी। प्राचीन काल से ही इस दिन को किसी भी शुभ कार्य के लिए मंगलकारी माना गया है। लेकिन इस साल इस इसबार बसंत पंचमी पर खास दुलर्भ संयोग बन रहा है जो 27 सालों बाद आया है। इस मौके पर 6 ऐसे शुभ योग भी बन  रहे हैं जो पंचक के दोषों को दूर करने वाले हैं। अभी 26 जनवरी की शाम से ही पंचक लगा हुआ है जो 31 जनवरी को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। 

शनि का उदय

24 जनवरी से मकर राशि में चल रहे शनि महाराज 30 जनवरी बसंत पंचमी के दिन पूर्व में उदित हो रहे हैं। बीते साल 27 दिसंबर से शनि अस्त चल रहे हैं। यही वजह है कि शनि अभी अपनी राशि में आकर भी अपना पूर्ण प्रभाव नही दे पा रहे हैं। शनि के उदित होने से जनता का प्रभाव बढ़ेगा। प्रकृति में ऊर्जा का संचार होगा और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के लाभ में वृद्धि होगी।

गुरुवार के दिन बसंत पंचमी का संयोग

गुरुवार को बसंत पंचमी होना बहुत ही शुभ संयोग माना जा रहा है। गुरु को ज्योतिशास्त्र में ज्ञान और धर्म का कारक माना गया है। बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। ऐसे में गुरुवार के दिन बसंत पंचमी होने से ज्ञान वृद्धि के लिए दोहरा संयोग बना है। जिन छात्रों की पढ़ाई में अरुचि रहती है। मन विचलित रहता है। उन्हें पीत वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु के साथ देवी सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।

सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग

ज्योतिषशास्त्र में सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि इन दोनों योगों को बहुत ही शुभ फलदायी कहा गया है। इन योगों से कई अशुभ दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस योग में कोई भी शुभ काम करना मंगलकारी रहता है। इसे सफलता प्रदान करने वाला योग कहा गया है। बसंत पचंमी के साथ इस योग का होना सभी के लिए शुभ फलदायी है। आप इस योग में कोई भी काम आरंभ कर सकते हैं।

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