अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भरतपुर के रुदावल स्थित बंशी पहाड़पुर से सुन्दर और टिकाऊ पत्थर निकालने पर लगी रोक जल्द हट सकती है। अवैध खनन होने की वजह से इस पत्थर के खनन पर प्रशासन ने रोक लगी हुई है। इस वजह से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर यहां से नहीं जा पा रहा है, लेकिन अब राज्य सरकार इस कोशिश में जुटी है कि इस फॉरेस्ट एरिया को डी-फ़ॉरेस्ट कराकर इस पहाड़ पर अनुमति देकर लीज शुरू की जाए, जिससे यहां से खनन कर पत्थर राम मंदिर के लिए भेजा जा सके और लोगों को रोजगार मिले।

इसके साथ ही अवैध खनन को वैध किया जा सके। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को वन विभाग के वन अभयारण्य को यहां से समाप्त करने और इसे गैर आरक्षित क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब केंद्र और राज्य दोनों की सहमति बनती नजर आ रही है।

राम मंदिर के लिए जाने वाले पत्थर के खनन पर हमेशा से ही रोक लगा रखी थी। वर्ष 2011 -12 में भी हाईकोर्ट के आदेश के बाद 5 हजार घन मीटर इमारती पत्थर यहां से अयोध्या भेजा गया था। इस इलाके में सेंड स्टोन की ज्यादातर खान एन्वॉयरमेंट क्लीरेन्स (ईसी) के चलते एनजीटी के आदेश पर बन्द हैं लेकिन उसके बावजूद भी खनन माफिया खानों से अवैध तरीके से पत्थर निकलने में लगे हुए थे लेकिन विगत महीने जिला प्रशासन ने कार्रवाई कर अवैध खनन पर रोक लगा दी, जिसकी वजह से राम मंदिर के लिए यहां से पत्थर नहीं जा पा रहा था। उसके बाद अब जिला प्रशासन और सरकार इस कोशिश में जुटी है कि जल्दी ही इस पहाड़ में खनन के लिए अनुमति दी जाए, जिससे पत्थर राम मंदिर के अलावा अन्य जगहों पर भी जा सके।

भरतपुर जिला कलेक्टर नथमल डिडेल ने बताया कि बंशी पहाड़पुर इलाके के पहाड़ों से लाल इमारती पत्थर निकलता है, जिसकी मांग पूरे देश में ही नहीं, विदेशों में काफी ज्यादा है लेकिन 2016 में बंशी पहाड़पुर के इस पहाड़ी को सैंचुअरी यानी वन अभयारण्य घोषित कर नोटिफाई किया गया था, जिसे अब डी-नोटिफाई करने की कवायद हो रही है।
राज्य सरकार ने माना है कि जहां से ये पत्थर निकलता है, वहां न तो जंगल है, न ही जानवर है, जिसको देखते हुए खनन, वन और राजस्व विभाग के द्वारा एक संयुक्त सर्वे कराया और इस सर्वे के अनुसार केंद्र सरकार के वन विभाग की गाइड लाइन के अनुसार हम अपडेट करेंगे और सबसे पहले ये एरिया डीनोटिफाई होगा. इसके बाद ही लीज स्वीकृत की जा सकेंगी। यदि यहां खनन की स्वीकृति दी जाती है तो इससे न केवल पूरे देश में मांग के अनुसार पत्थर की आपूर्ति की जा सकेगी बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल सकेगा और इससे सरकार को राजस्व भी मिल सकेगा।

भरतपुर के बंशी पहाड़पुर का पत्थर राष्ट्रपति भवन से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद तक और देश के नामचीन धार्मिक स्थलों में लगा हुआ है। अयोध्या में बनने वाले भगवान राम का भव्य मंदिर भी बंशी पहाड़पुर के इसी इमारती पत्थर से बन रहा है, जिसके लिए यहां से काफी समय से पत्थर तराशी के बाद अयोध्या जाता रहा है क्योंकि यहां से निकलने वाला पत्थर बेहद गुणवत्तापूर्ण होता है, जो हजारों वर्षों तक भी मजबूती के साथ चमकता है. इसमें पानी पड़ने से ज्यादा निखार आता है। बंशी पहाड़पुर से निकलने वाले पत्थर की गुणवत्ता काफी अच्छी और मजबूत होती है, जिसकी उम्र पांच हजार वर्षों तक मानी जाती है, जो पानी पड़ने से ज्यादा निखरता है और हजारों वर्ष तक उसी रूप में कायम रहता है।