आज से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अनिश्चितकाली हड़ताल शुरू हो गई है। इस वजह से वजह से कामकाज बुरी तरह प्रभावित होगा। हालांकि  बैंकों द्वारा इस हड़ताल की सूचना अपने ग्राहकों को पहले ही दे दी है गई थी। लेकिन यदि बैंक अगर बंद रहेंगे तो ATM सर्विस भी बुरी तरह प्रभावित होगी। ऐसे में हो सकता है कि ज्यादातर ATM में कैश नहीं मिले।

इस हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयीज असोसिएशन तथा बैंक एंप्लॉयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से किया गया है। लेकिन इस हड़ताल में अधिकारी और निजी क्षेत्र के बैंक शामिल नहीं होंगे। बैंक असोसिएशन यह हड़ताल निम्नलिखित मांगो के आधार पर कर रहा है।

— हाल ही में 6 छोटे-छोटे पब्लिक सेक्टर बैंकों का चार बड़े बैंकों में विलय कर दिया गया था। कर्मचारी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।

— सरकार ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नैशनल बैंक में विलय कर दिया था। इसका भी विरोध कर रहे हैं।

— सिंडिकेट बैंक का विलय कैनरा बैंक में कर दिया था।

— इलाहाबाद और इंडियन बैंक का आपस में विलय किया था।

— आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय किया गया है।

— इस हड़ताल का आह्वान AIBEA और BEFI की ओर से किया गया है। इन दो बैंक यूनियन के अलावा तीन बैंक कर्मचारियों का यूनियन और चार बैंक अधिकारियों का यूनियन मिलकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियन का निर्माण करते हैं। इस संगठन ने खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है। इस वजह से बैंकों के सामान्य कामकाज पर आंशिक असर देखने को मिलेगा। SBI की तरफ से कहा गया कि बहुत ही कम कर्मचारी AIBEA और BEFI से जुड़े हैं इस वजह से हड़ताल का बहुत ज्यादा असर नहीं होगा।

— बैंक यूनियन मर्जर, बैंकिंग रिफॉर्म, सर्विस चार्ज, बैड लोन रिकवरी, डिफॉल्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जैसे मुद्दे भी हड़ताल का कारण है।

— बैंक ऑफ महाराष्ट्र, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सिंडिकेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि कामकाज नहीं के बराबर होगा।

— हालांकि इस हड़ताल में प्राइवेट बैंक शामिल नहीं हो रहे हैं।