आज वित्त वर्ष 2020-21 का आखिरी दिन है। इसके बाद कल यानी 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है। इसी के चलते 1 April यानि कल से Bank से जुड़े कई नियम बदल रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। हम आपको बता रहे हैं किन—किन चीजों पर असर हो रहा है—

बैंक से जुड़े नियम

पैन कार्ड

अगर आप आज अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराते हैं तो 1 अप्रैल से आपका पैन का निष्कर्य हो जाएगा। इसके बाद जुर्माना लगेगा। भारत सरकार ने पहले आधार और पैन कार्ड लिंक नहीं करने पर एक हजार रुपए लेट फीस तय की थी। वहीं नए सेक्शन 234H (फाइनैंस बिल) के मुताबिक, इन दोनों दस्तावेजों के लिंक नहीं होने पर 1000 रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा। यह लेट फी एक निष्क्रिय पैन कार्ड रखने पर लगने वाली पेनल्टी से अलग होगी।

चेकबुक

कल से देना बैंक, विजया बैंक, कॉपपोरेशन बैंक, ऑरोएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्रा बैंक, यूनाइटेड बैंक और इलाहाबाद बैंक की पुरानी चेकबुक मान्य नहीं होंगी। इन सभी बैंकों का विलय हो गया है। इन बैंकों ने अपने ग्राहकों को नई चेकबुक जारी कर दी है। हालांकि सिंडीकेट बैंक की चेकबुक तीस जून तक मान्य होगी।

इनकम टैक्स रिटर्न

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में इनकम टैक्स को लेकर बड़ा एलान किया था। जिसके मुताबिक, कल एक अप्रैल से 75 साल या इससे ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट मिलेगी।

टीडीएस

1 अप्रैल से फ्रीलांसर्स, टेक्निकल सहायक जैसे नॉन सैलरीड क्लास के लोगों को ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। अभी इन लोगों की कमाई से 7.5 फीसदी टीडीएस कट रहा है, जो अब 10 फीसदी हो जाएगा। दूसरी तरफ आयकल की धारा 206 बी के तहत जो लोग रिटर्न नहीं भरेंगे, उन्हें एक अप्रैल के बाद दोगुना टीडीएस भरना पड़ सकता है।

ईपीएफ

आयकर विभाग के नए प्रावधानों के मुताबिक, एक अप्रैल से पीएफ में सालाना ढ़ाई लाख से ज्यादा जमा पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगेगा। बड़ी बात यह है कि दो लाख रुपए हर महीने से ज्यादा वेतन पाने वाले लोग भी इसके दायरे में आएंगे।