सरकारी बैंकों की हड़ताल के कारण लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण बैंकों से कैश विड्रॉल, डिपॉजिट, चेक क्लियरेंस और कारोबारी लेनदेन प्रभावित हो रही है। लोग अभी डिजिटल तरीकों से लेनदेन कर रहे हैं। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने अगस्तो 2019 में 10 बैंकों का 4 बैंकों में विलय कर दिया था।  इन बैंकों का अभी कंसॉलिडेशन जारी है, जिससे बहुत नुकसान हो सकता है।


इस बार सरकार दो बैंकों और एक बीमा कंपनी का निजीकरण कर रही है। जिसके कारण सरकारी बैं‍क के के कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल पर हैं। बजट साल 2021-22 में वित्तव मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण का प्रस्ता़व रखा है। बैंक कर्मियों के हड़ताल के बाद अब 17 मार्च को बैंक यूनियंस के बाद जनरल इंश्यो रेंस कंपनियां हड़ताल करेंगी।

सरकारी बैंकों की शाखाओं में मिलने वाली सेवाएं नहीं मिलेंगी लेकिन कुछ सेवाएं ऑनलाइन एक्सेीस कर सकते हैं जैसे कि मनी ट्रांसफर, अकाउंट स्टेसटमेंट, एफडी ओपन करना, बिलों का भुगतान, ऑनलाइन पेमेंट, चेक बुक ऑर्डर । जानकारी के लिए बता दें कि बैंकों की हड़ताल में HDFC बैंक, ICICI , Axis , IndusInd , कोटक महिंद्रा बैंक समेत निजी बैंक शामिल नहीं हैं।  6 सरकारी पंजाब नैशनल बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई बैंकों को निजीकरण योजना से बाहर रखा है।