बांग्लादेशी तस्करों के एक समूह ने पश्चिम बंगाल के भारतीय सीमा में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास से कुछ संदिग्ध पैकेट को लेने की कोशिश करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान पर हमला कर दिया। इसके बाद वे फरार हो गए। यह घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। उस समय कूचबिहार सेक्टर के नारायणगंज बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) के पास बीएसएफ के जवान सीमा के नजदीक बाड़ के आगे ड्यूटी कर रहे थे। 

यह स्थल अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 250 मीटर और बीओपी से 3,400 मीटर की दूरी पर था। बीएसएफ ने कहा कि यह घटना तब हुई जब कुछ भारतीय तस्करों ने बॉर्डर फेंसिंग लाइट्स (बीएफएल) को बंद करने के लिए बिजली की आपूर्ति काट दी ताकि उनकी गतिविधियों पर जवानों की नजर न पड़े और वे अंधेरे का फायदा उठाकर कोई संदिग्ध पदार्थ का पैकेट फेंकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा की बाड़ तक पहुंच सकें।

बीएसएफ की टीम ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा की बाड़ के आगे दो समूहों में पांच से छह बांग्लादेशियों की गतिविधियों का अवलोकन किया और उन्हें भारतीय सीमा की ओर आते देखा। भारतीय उपद्रवियों द्वारा फेंके गए संदिग्ध पैकेट को उठाने के लिए वे धान के खेत में छिप गए। बीएसएफ जवानों ने उपद्रवियों के एक ग्रुप पर ग्रेनेड फेंका और दूसरे ग्रुप पर फायरिंग की।

इसके जवाब में तस्करों ने बीएसएफ के एक जवान पर धावा बोला और टॉर्च से मारकर उसे घायल कर दिया। जवान की बाईं आंख पर चोट लगी। जैसे ही बीएसएफ के अन्य जवान करीब आए, तस्कर मौके से भाग गए। घायल बीएसएफ के जवान को इलाज के लिए दिनहाटा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया। तलाशी के दौरान सैनिकों ने एक मोबाइल, बांग्लादेश के दो सिम कार्ड और टॉर्च बरामद किए।