एक बांग्लादेशी नागरिक को आजीविका की तलाश में मध्य पूर्व जाने के लिए एक लाख रुपये में नकली भारतीय पासपोर्ट और 10,000 रुपये में नकली आधार कार्ड खरीदने के आरोप में लखनऊ हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया।

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उसे शारजाह से लौटने पर गिरफ्तार किया गया। वह एक आव्रजन अधिकारी को यह समझाने में विफल रहा कि उसने लखनऊ में उतरने और फिर कोलकाता के लिए एक कनेक्टिंग फाइट लेने के बजाय कोलकाता के लिए सीधी उड़ान का विकल्प क्यों नहीं चुना। आरोपी की पहचान 43 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल जब्बार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के पबना जिले का रहने वाला है। हालांकि, उसके पास से जब्त किए गए भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड में उसकी पहचान पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले 39 वर्षीय जब्बार शाक के रूप में बताई गई है।

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आधिकारी का कहना है, जब मैंने उससे पूछा कि उसने लखनऊ में उतरने के बजाय शारजाह से कोलकाता के लिए सीधी उड़ान क्यों नहीं बुक की, तो आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उससे पूछताछ की गई और उसने कबूल किया कि वह एक बांग्लादेशी नागरिक है और उसने पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति से एक लाख रुपये और आधार 10,000 रुपये में एक भारतीय पासपोर्ट खरीदा था। बांग्लादेश में दलालों ने 4 लाख टका की मांग की थी, जो वह बर्दाश्त नहीं कर सकता था, इसलिए उसने यह सस्ता चुना। वह शारजाह में मजदूर था और घर (बांग्लादेश) जा रहा था। कोलकाता हवाईअड्डे पर उतरने के बाद जब्बार को रात में सीमा पार करनी थी। जब्बार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।