असम में NRC पूरी बांग्लादेशी नागरिकों और घुसपैठियों के वापस अपने देश भागने का सिलसिला शुरू हो चुका है। पिछले 2 महीने में 445 बांग्लादेशी नागरिक भारत से स्वदेश लौटे हैं। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद शफीनुल इस्लाम ने कहा- सभी नागरिक भारत सरकार द्वारा नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के प्रकाशन के परिणामस्वरूप लौटे हैं।

मेजर जनरल इस्लाम ने यह कहा कि 2019 में करीब 1000 लोगों को अवैध तरीके से भारत से बांग्लादेश में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें से 445 लोग नवंबर-दिसंबर में अपने घर लौट आए। स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा घुसपैठियों की पहचान कराने पर सभी के बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई।

उन्होंने बताया कि घुसपैठियों के खिलाफ 253 मामले दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि उनमें से तीन मानव तस्कर हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के अवैध ढंग से सीमा पार करने को लेकर भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बलों के बीच कोई तनाव पैदा नहीं होता।

उन्होंने कहा कि 2019 में सीमा पर मारे गए लोगों की संख्या पिछले चार साल में सबसे ज्यादा है। एक आंकड़े के मुताबिक, पिछले साल 35 लोगों की मौत हुई। हालांकि सीमा सुरक्षा बल का अनुमान हमारे आंकड़े से बहुत कम है। बीएसएफ सीमा पर घुसपैठियों द्वारा हमला किए जाने के बाद भी अधिकतम संयम और न्यूनतम सुरक्षा बल के प्रयोग की नीति को अपना रहा है।

पिछले हफ्ते, जनरल इस्लाम ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि एनआरसी को पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है। 26-29 दिसंबर के बीच बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल और भारतीय सीमा सुरक्षा बल के बीच हुई डीजी लेवल की बातचीत के बाद कहा था कि दोनों देशों के सुरक्षाबलों के बीच बेहतर सहयोग कायम है।