बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन ने अपने देश में अल्पसंख्यकों की बेहतर स्थिति और सांप्रदायिक सौहार्द का दावा किया है। गुरुवार को 3 दिन के दौरे पर भारत आने से पहले उन्होंने कहा कि दुनिया में कुछ ही ऐसे देश हैं, जहां सांप्रदायिक सौहार्द बांग्लादेश से बेहतर हो। अगर गृह मंत्री अमित शाह कुछ महीने हमारे देश में ठहरेंगे तो उन्हें यह नजर आएगा। भारत में पहले ही कई समस्याएं हैं। इनसे साथ मिलकर लड़ना होगा। मित्र देश के नाते हम उम्मीद करते हैं कि भारत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे हमारे रिश्तों पर असर पड़ेगा।


दरअसल, नागरिकता संशोधन बिल पर बहस के दौरान अमित शाह ने तीन पड़ोसी देशों (बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान) में धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और उनके पलायन का जिक्र किया था। यह बिल बुधवार को राज्यसभा और सोमवार को लोकसभा से पास हो चुका है। इसमें पड़ोसी देशों के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता देने का प्रावधान है।

शाह ने कहा था कि यह विधेयक ऐतिहासिक भूल को सुधारने के लिए लाया गया। हम तीन देशों के उन अल्पसंख्यकों को नागरिकता देंगे, जो अपने धर्म, बहू-बेटियों की इज्जत बचाने के लिए यहां आए हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमेन गुरुवार को तीन दिन के दौरे पर भारत आ रहे हैं। वे 13 दिसंबर को दिल्ली में 6वें इंडियन ओसन डायलॉग में हिस्सा लेंगे।

इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस साल जून में हुई आसियान समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता, खुलेपन और सुधारों के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। इंडियन ओसन डायलॉग में पड़ोसी देशों के साथ मिलकर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।