झारखंड उच्च न्यायालय ने हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश के कथित आरोपी रवि केजरीवाल को राहत देते हुए फिलहाल सुनवाई की अगली तारीख तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. अब रवि केजरीवाल को अगली सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. इसको लेकर राज्य सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में आज हलफनामा दिया गया है. इसके बाद न्यायमूर्ति ए के चौधरी ने राज्य सरकार को पूरक प्रति शपथ पत्र दाखिल करने की अनुमति प्रदान की. रवि केजरीवाल की ओर से उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने प्रति शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय की मांग की.

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इसका विरोध करते हुए पूर्व महाधिवक्ता सह वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि अदालत पूर्व में इस मामले के एक अन्य आरोपी अशोक अग्रवाल के मामले में प्राथमिकी देख चुकी है. कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में भी रवि केजरीवाल पर समान आरोप लगाये गये हैं, ऐसे में राज्य सरकार की ओर से समय मांगे जाने के पीछे की मंशा को आसानी से समझा जा सकता है. इस पर अदालत ने कहा कि अगर सरकार यह हलफनामा देती है कि वादी को इस बीच गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो अदालत उसके आग्रह को स्वीकार कर सकती है.

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इसके बाद सरकार की ओर से वादी को गिरफ्तार नहीं करने का हलफनामा दिया गया जिसे अदालत ने अपने आदेश में रिकॉर्ड करते हुए राज्य सरकार को प्रति शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय देने के आग्रह को स्वीकार कर लिया. मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी. सत्ताधारी पार्टी के नेता रवि केजरीवाल को झारखंड मुक्ति मोर्चा से निष्कासित कर दिया गया है. उसके खिलाफ विधायक रामदास सोरेन की ओर से सरकार गिराने की साजिश रचने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.