असम NRC  में हिंदुओं के नाम शामिल नहीं होने पर बजरंग दल ने राज्यव्यापी बंद बुलाया है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर फाइनल की लिस्ट आ चुकी है। इसके बाद इसमें लाखों लोगों के नाम शामिल नहीं है। इसी को लेकर राज्य में अराजकता की स्थिति बनी हुई है। इस लिस्ट असम के कई मूल निवासी कहे जा रहे हिंदुओं के नाम शामिल नहीं हैं। इसके विरोध में तािा राष्ट्रीय बजरंग दल बंद बुलाया है। राष्ट्रीय बजरंग दल ने 12 घंटे का असम में बंद बुलाया है।

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची 31 अगस्त को जारी कर दी गई थी। इसमें करीब 19 लाख लोगों के नाम नहीं थे। कुल मिलाकर इस लिस्ट से 19,06,677 लोग निकाले गए हैं, जबकि 3,11,21,004 लोगों को भारतीय नागरिक बताया गया है इस लिस्ट के आने के बाद कई लोगों को राहत मिली है तो कई लोगों के सामने अपनी नागरिकता को लेकर संकट पैदा है। उदाहरण के तौर पर राज्य के कामरूप जिले का मलयाबाड़ी ऐसा ही एक गांव है जहां की 80 फीसदी लोगों के नाम एनआरसी लिस्ट में नहीं आए हैं। इस वजह से लोगों में बड़ी नाराजगी देखी जा रही है तथा एनआरसी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस गांव में रहने वाले 2000 लोगों की नागरिकता पर सवाल खड़ा हो गया है। यहां रहने वाली आबादी में बंगाली हिंदू भी हैं जो इस फैसले से बेहद नाराज हैं।

गौरतलब है कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची 31 अगस्त को जारी की गई थी। इस सूची के अनुसार असम में 3,11,21,004 लोग ही भारतीय नागरिकता साबित कर पाए हैं। इसके अलावा प्रमाणपत्रों के अभाव में 19,06,677 लोगों को सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि इस सूची से बाहर हुए लोगों को अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए 120 दिन का और समय दिया गया हैै। सरकार की तरफ से ऐसे लोगों को कानूनी मदद भी दी जाएगी। लेकिन जो लोग अपील के बाद भी नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाएंगे उन्हें डिंटेशन कैंपो में भेजा जाएगा।