भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Former central minister Babul Supriyo) ने आज सांसद (MP) पद से इस्तीफा दे दिया। सुप्रियो ने यहाँ लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के आवास पर उनसे मुलाकात की और अपने इस्तीफे की औपचारिकताएं पूरी की। लोकसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपने के बाद सुप्रियो ने संवाददाताओं से कहा, 'मेरा दिल भारी है क्योंकि मैंने अपना राजनीतिक जीवन भाजपा से शुरू किया था। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझमें आत्मविश्वास दिखाया।'

उन्होंने कहा, 'मैंने पूरे मन से राजनीति छोड़ दी थी। मैंने सोचा था कि अगर मैं पार्टी का हिस्सा नहीं हूं, तो मुझे अपने लिए सांसद की सीट नहीं रखनी चाहिए।' सुप्रियो ने कहा, 'मैं योग गुरु बाबा रामदेव (Yoga Guru Baba Ramdev) के आशीर्वाद से राजनीति में आया था। मैं उनका आशीर्वाद लेने हरिद्वार जाऊंगा।' उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने मुझसे कहा है कि जनता और समाज की सेवा के लिए अभी मुझे राजनीति में रहना चाहिए। मैं सेवा की भावना के साथ लोगों के बीच ही रहूंगा।'

पिछले महीने तृणमूल में शामिल होने के ठीक बाद सुप्रियो ने स्पष्ट कर दिया था कि वह सांसद पद पर नहीं रहेंगे, क्योंकि यह अनैतिक होगा। वह भाजपा के टिकट पर पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लगातार दो बार सांसद चुने गए थे। मोदी के मंत्रिमंडल में वह राज्यमंत्री भी बनाए गए थे, लेकिन पिछले दिनों हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें हटा दिया गया था। उसके बाद उन्होंने रातों-रात राजनीति छोडऩे का ऐलान कर दिया और कुछ ही दिनों बाद वह तृणमूल (TMC) में शामिल हो गए।